महावीर चौक पर रालोद छात्र सभा ने सपा अध्यक्ष के खिलाफ किया प्रदर्शन, केन्द्रीय मंत्री जयंत चौधरी पर टिप्पणी को लेकर कार्यकर्ताओं में दिखा आक्रोश
मुजफ्फरनगर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की एक सभा में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और उसके नेतृत्व को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में सोमवार को रालोद छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने महावीर चौक पर प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का पुतला फूंककर नारेबाजी की और उनकी टिप्पणी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान रालोद छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजनीतिक गठबंधन के दौरान जयंत चौधरी और रालोद ने गठबंधन धर्म का पालन किया, ऐसे में सार्वजनिक मंच से की गई टिप्पणी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को आहत करने वाली है। इसी के विरोध में छात्र सभा कार्यकर्ताओं ने महावीर चौक पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि अखिलेश यादव ने एक सभा के दौरान गठबंधन को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि न जाने कौन-कौन लोग उनके पास गठबंधन के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि हमने गठबंधन करके एक चवन्नी को रुपया बना दिया, लेकिन इसके बाद भी वह उन्हें छोड़कर चले गए। रालोद कार्यकर्ताओं ने इसी टिप्पणी को जयंत चौधरी और रालोद के प्रति अपमानजनक बताते हुए विरोध जताया।
महावीर चौक पर प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन को लेकर चौक पर कुछ समय के लिए माहौल गर्म रहा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन गठबंधन के सहयोगियों और उनके नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक मंचों से की जाने वाली टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।
रालोद छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि जयंत चौधरी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित प्रदेश की राजनीति में किसानों, युवाओं और छात्र हितों को लेकर लगातार आवाज उठाई है। ऐसे में उनके राजनीतिक योगदान को लेकर किसी भी प्रकार की टिप्पणी का कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि रालोद कार्यकर्ता संगठन और नेतृत्व के सम्मान के लिए एकजुट हैं। उन्होंने अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर अपना विरोध जारी रखने की बात कही।
