बचपन बचाने को रात-दिन जुटी चाइल्ड हेल्पलाइन टीम
नगर के होटल, ढाबों और दुकानों पर रात को पहुंचकर चलाया जागरुकता अभियान, पकड़े बाल श्रमिकों से की बातचीत, दुकानदारों को दी चेतावनी, सवेरे फिर से शुरू की जांच पड़ताल, दुकानदारों में मचा रहा हड़कम्प।;
मुजफ्फरनगर। बाल श्रम को रोकते हुए बचपन बचाने की कवायद में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने जहां रात्रि में नगरीय क्षेत्र में होटलों, ढाबों, चाय की दुकानों और अन्य दुकानों पर जाकर चैकिंग करते हुए वहां पर काम कर रहे बच्चों को समझाया और शिक्षा के लिए जागरुक किया, वहीं दुकानदारों को भी बाल श्रमिक नहीं रखने के लिए चेतावनी देते हुए अगली बार बाल श्रमिक पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी। रात्रि में टीम ने होटलों के बाहर भीख मांगते बच्चों और उनके साथ औरतों व वृद्धों को भी भिक्षावृत्ति छोड़ने के लिए सीख दी। सड़कों पर बैठी औरतों और बच्चों को शेल्टर होम भिजवाया, वहीं वृद्धों को रहने के लिए वृद्धाश्रम में स्थान दिलाने के लिए समझाया।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 कि डायरेक्टर पूनम शर्मा के नेतृत्व में बुधवार की रात्रि में टीम ने रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, भोपा पुल, महावीर चैक, मीनाक्षी चैक स्थित रेस्टोरेंट, होटल, ढाबा व चाय की आदि की दुकानों पर बाल श्रम बचाने को अभियान चलाया गया। इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन टीम में शामिल लोगों ने होटल, ढाबों पर श्रम करते हुए पाये गये बच्चों के पास जाकर उनसे बात की और उनके परिवार के बारे में जानकारी ली। डायरेक्टर पूनम शर्मा ने रेस्टोरेंट्स, होटल, ढाबों व चाय दुकानों के मालिकों को बाल श्रम कराने के लिए जमकर हड़काया। उन्होंने कहा कि अभी हम केवल जागरुक करने के लिए निकले हैं।
उन्होंने दुकानदारों से बाल श्रमिकों को नहीं रखने की अपील करते हुएक हा कि अगर आगे से कोई भी बाल श्रम कराता हुआ मिला तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। इसके अन्तर्गत 20000 का जुर्माना हो सकता है। इसके साथ ही होटल, ढाबों पर भीख मांगते हुए भी कई बच्चों, महिलाओं और वृद्धों के मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के लोग इनके पास पहुंचे। इनसे बात की। भीख मांगने का रास्ता छोड़ने के लिए उन्होंने प्रेरित किया।
इस दौरान पूनम शर्मा ने बताया कि रात्रि में अभियान के दौरान दुकानदारों को बाल श्रम नहीं कराने के लिए जागरुक किया गया है, बच्चों से भी बात करते हुए उनको शिक्षा के लिए प्रेरित किया गया है। इसके साथ ही दुकानदारों को चेतावनी भी दी गयी है। रात्रि में वहां पर भीख मांगने वाले बच्चों और उनके साथ ही महिलाओं व अन्य लोगों को शेल्टर होम में भिजवाया गया। उनको वहीं रहने और भीख नहीं मांगने के लिए प्रेरित किया गया है। वहां पर कुछ वृद्ध भी भीख मांगते हुए मिले, इनको वृद्धावस्था भिजवाने की व्यवस्था की गयी है ताकि वह वहां पर रहकर सम्मानपूर्वक जीवन निर्वाह कर सकें।
उन्होंने बताया कि गुरूवार सवेरे दस बजे से फिर से नगरीय क्षेत्र में टीम द्वारा यह अभियान चलाया गया है। अभी हम जागरुक कर रहे हैं। इसके बाद दूसरे चरण के अभियान में यदि बाल श्रम पाया गया तो संबंधित नियमों के अनुसार कार्यवाही की जायेगी। यह अभियान लगातार चलता रहेगा और कोई किसी तरह की अगर ऐसी समस्या है तो हमारे नंबर 1098 पर फोन करके सूचना दे सकता है जिसका तुरंत निस्तारण होगा।