सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण का आरोप, 25 अगस्त को थाना घेरकर हिंदू महापंचायत का किया था ऐलान, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, धर्मांतरण, ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण के लगे हैं आरोप
मुजफ्फरनगर। फुलत गांव का चर्चित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में है। अवैध धर्मांतरण, ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण जैसे गंभीर आरोपों में स्वामी यशवीर की थाने का घेराव कर आंदोलन की चेतावनी के बीच रविवार को प्रशासन ने मदरसे के उस हिस्से को बुल्डोजर से ध्वस्त करा दिया, जिसे सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित बताया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई के दौरान मदरसा परिसर और आसपास के क्षेत्र में काफी हलचल रही। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण कार्रवाई का कोई विरोध नहीं हुआ।
रविवार को प्रशासनिक और राजस्व विभाग की टीम भारी पुलिस फोर्स के साथ रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव फुलत पहुंची। अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर सरकारी भूमि पर किए गए बताए जा रहे निर्माण की जांच के बाद चिह्नित हिस्से पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कराई। बुल्डोजर से निर्माण का संबंधित हिस्सा गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आसपास सुरक्षा घेरा बनाए रखा और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
फुलत स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया उस समय चर्चा में आया, जब जुलाई 2026 में मदरसा संचालकों पर अवैध धर्मांतरण, ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए। योग साधना आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज की शिकायत तथा कुछ वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। इसके बाद थाना रतनपुरी में मदरसा संचालक मौलाना हफीजुर्रहमान अंसारी और उनके बेटों जुबैर व जुनैद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
आरोप लगाया गया कि मदरसे से जुड़े लोगों द्वारा हिंदू युवक-युवतियों को बहला-फुसलाकर अथवा दबाव बनाकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जाता था। साथ ही आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। हालांकि इन आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होना है। मामले में आरोपी मौलाना हफीजुर्रहमान के बेटे जुनैद की पूर्व पत्नी नाजिया ने भी पुलिस अधिकारियों के समक्ष पेश होकर मदरसे से जुड़ी गतिविधियों और लगाए गए आरोपों के संबंध में अपने बयान दर्ज कराए। उनके बयानों के बाद मामले की जांच को और महत्वपूर्ण माना गया। रतनपुरी पुलिस ने मामले में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
जांच के दौरान पुलिस और एसआईटी की ओर से भी कार्रवाई की गई तथा एक आरोपी जुनैद अंसारी को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। अन्य आरोपियों की भूमिका और उनके संबंध में जांच जारी है। इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की मांग को लेकर स्वामी यशवीर महाराज ने 25 अगस्त को रतनपुरी थाने पर हिंदू महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया था। स्वामी यशवीर महाराज का कहना है कि मामले में कार्रवाई को लेकर वह लगातार आवाज उठा रहे हैं और हिंदू समाज के बीच जाकर महापंचायत के समर्थन में संपर्क कर रहे हैं। महापंचायत के ऐलान के बीच रविवार को प्रशासन द्वारा मदरसे के कथित अवैध निर्माण पर की गई कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्रवाई के दौरान प्रशासन, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की गंभीरता भी स्पष्ट की।
