एम.जी. पब्लिक स्कूल में हर्षाेल्लास से मना दिवाली पर्व

रंगोली, दीप निर्माण और सजावट प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, भारतीय संस्कृति और परंपराओं का दिया संदेश, शिक्षकों ने भजनों से बांधा समां

मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में दीपावली का पर्व हर्षाेल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में दीपोत्सव की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक छटा देखने को मिली। इस अवसर पर एम.जी. चौरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन सतीश चन्द गोयल, एम.जी. पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के उपाध्यक्ष विनीत सिंघल और कोषाध्यक्ष रोहित सिंघल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने अतिथियों का स्वागत किया।

एम.जी. पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने बताया कि दिवाली कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने गणेश-लक्ष्मी के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इसके बाद विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भगवान श्रीराम की भक्ति पर आधारित मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। भक्तिमय प्रस्तुतियों से विद्यालय परिसर आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर हो गया। दीपावली के उपलक्ष्य में विद्यालय में एक सप्ताह से आयोजित विभिन्न कक्षा आधारित गतिविधियों का भी समापन हुआ।

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विद्यार्थियों ने दीया मेकिंग, बंदनवार मेकिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट तथा साज-सज्जा प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल से आकर्षक सजावटी सामग्री तैयार की, जिसका उपयोग विद्यालय परिसर को सजाने में किया गया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने दीपावली के पंच महोत्सव की थीम पर मनमोहक रंगोलियां बनाकर परिसर को उत्सवी रंगों से सजा दिया।

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इस अवसर पर एम.जी. चेरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन सतीश चन्द गोयल ने अपने संबोधन में दीपावली के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। उन्होंने सभी को अपनी प्रतिभा का सकारात्मक उपयोग करने, भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और खुशियां बांटने की प्रेरणा दी।

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प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने अपने संदेश में कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मकता, सद्भाव और नई ऊर्जा का संचार करने का अवसर भी है। विद्यालय में इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य सभी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के साथ उनकी रचनात्मक क्षमता और सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और सहयोगी कर्मचारियों को प्रेमोपहार प्रदान किये गये। कार्यक्रम में समस्ट स्टाफ ने प्रतिभाग कर अपनी खुशियों का प्रदर्शन किया।

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