पुलिस ने 10 दिन बाद वांछित आरोपी को दबोचा, अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा-सभी दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। कोतवाली नगर क्षेत्र के रामलीला टिल्ला निवासी दलित परिवार की नाबालिग किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने गुरुवार को एक और वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में वांछित इरशाद अली उर्फ डॉ. सम्राट को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामले में साजिश की धारा 120बी के तहत कार्रवाई की है। इसके साथ ही इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई है।
एसपी सिटी अमृत जैन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 18 अगस्त 2026 को कोतवाली नगर क्षेत्र के रामलीला टिल्ला निवासी दलित परिवार की नाबालिग किशोरी के अपहरण और कुछ युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के तत्काल बाद कोतवाली नगर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 360/2026 दर्ज किया गया। मामले में बीएनएस की धारा 137(2), 64(1), 70(1), पोक्सो अधिनियम की धारा 3/4 व 5जी/6 तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)/5 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देशन में किशोरी की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो दिन के भीतर किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया था। इसके बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराने के साथ ही बयान दर्ज कराए गए। पुलिस के मुताबिक, मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़ भी हुई थी। इस दौरान एक आरोपी घायल हुआ था। पुलिस ने घायल आरोपी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद मामले की विवेचना आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी रखी।
एसपी सिटी ने बताया कि विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर इरशाद अली उर्फ डॉ. सम्राट को भी मामले में वांछित आरोपी बनाया गया। पुलिस ने गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपियों की भूमिका और उनके बीच संभावित संगठित गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गुणवत्तापूर्ण विवेचना जारी है।
इधर, उत्तर प्रदेश सरकार में कौशल विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने गांधी नगर स्थित अपने आवास राधा कुंज पर प्रेस वार्ता कर मामले को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने घटना को घिनौना और निंदनीय बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने मामले में पहले मुख्य आरोपी नाजिम और डॉ. आदिल को गिरफ्तार किया था। उनके अनुसार, नाजिम ने पुलिस कस्टडी से भागने का प्रयास किया था, जिसके दौरान उसे गोली लगी। इसके बाद नदीम और कामरान की गिरफ्तारी हुई और अब सम्राट इंटर कॉलेज के प्रबंधक इरशाद अली उर्फ डॉ. सम्राट को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसी कॉलेज में किशोरी को बंधक बनाकर गैंगरेप किया गया था।
मंत्री ने आरोप लगाया कि इरशाद अली खुद को डॉ. सम्राट के रूप में प्रचारित करते हुए सेक्सोलॉजिस्ट के तौर पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके द्वारा संचालित अस्पताल को लेकर संबंधित विभागों से जांच कराने को कहा गया है। कपिल देव अग्रवाल के मुताबिक, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से भी इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी इरशाद अली की चिकित्सीय योग्यता और प्रैक्टिस से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की बात कही। मंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी दी गई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रहे हैं। मामले में यदि कोई अन्य व्यक्ति भी संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
