Muzaffarnagar News: बुढ़ाना सीएचसी में दुष्कर्म पीड़िता के परिजन से अवैध वसूली

इलाज के नाम पर पैसे मांगने और धमकाने का आरोप, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता पर उठे सवाल, सीएमओ ने लिया संज्ञान, प्रभारी से मांगी रिपोर्ट

Muzaffarnagar News (मुजफ्फरनगर)। जनपद मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है, जहां दुष्कर्म पीड़िता के परिजन से चिकित्सकीय जांच के नाम पर कथित अवैध वसूली का आरोप लगा है। यह घटना न केवल संवेदनशील मामलों में सरकारी जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पीड़ितों के साथ हो रहे व्यवहार की गंभीर तस्वीर भी सामने लाती है। इस मामले में पीड़ित परिजन की एक वीडियो भी वायरल हो रही है, जिसमें एक पुरुष खुले तौर पर अवैध वसूली और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगा रहा है। मामले में सीएमओ ने भी संज्ञान लेकर जांच की बात कही है।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर में रिश्वत लेते सिविल लाइन थाने के एसएसआई गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दुष्कर्म पीड़िता की चिकित्सकीय जांच के नाम पर अवैध वसूली का मामला प्रकाश में आया है। छपार क्षेत्र निवासी पीड़ित ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मौजूद एक महिला डॉक्टर ने उसकी नाबालिग बच्ची की डाक्टरी करने के बदले उससे दो हजार रुपये वसूल लिए। पीड़ित के अनुसार, वह अपनी बच्ची को आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा था, लेकिन वहां उसे मदद के बजाय आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ा। उसका कहना है कि पहले ही परिवार गंभीर मानसिक पीड़ा से गुजर रहा था, ऐसे में अस्पताल में भी उसे राहत नहीं मिली।

आरोप है कि जब उसने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो उसे स्पष्ट रूप से कहा गया कि बिना भुगतान के जांच नहीं की जाएगी। पीड़ित ने यह भी दावा किया कि उसे डराने-धमकाने का प्रयास किया गया, जिससे वह मजबूर होकर पैसे देने को विवश हुआ। बताया जा रहा है कि बुढ़ाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहले भी विभिन्न कारणों से चर्चा में रहा है। ताजा घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस मामले में अभी तक स्वास्थ्य विभाग या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन होगा, बल्कि संवेदनशील मामलों में पीड़ितों के अधिकारों का भी हनन माना जाएगा। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-एपीके फाइल से मोबाइल हैक, साइबर ठगों ने उड़ा दिए 5 लाख

उधर इस प्रकरण में सीएमओ डाॅ. सुनील तेवतिया ने कहा कि उनको भी सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के माध्यम से ही इस प्रकरण की जानकारी मिली है। अभी कोई शिकायत उनको प्राप्त नहीं हुई है। प्रकरण गंभीर है और आरोपों के संदर्भ में बुढ़ाना चिकित्सा प्रभारी से रिपोर्ट भी मांगी गई है। पीड़ित को भी बुलाया गया है। मामले में जांच करने के आदेश दिये गये है। जांच में जो भी तथ्य सामने आयेंगे उनको लेकर गंभीर कार्यवाही की जायेगी। किसी को भी इस तरह से आम जनमानस पर दबाव बनाने, उत्पीड़न करने का अधिकार नहीं है, यदि कहीं कोई ऐसा मामला आता है तो उसकी शिकायत करने की अपील करते हुए सीएमओ ने कहा कि ऐसे प्रकरणों में कठोर कार्यवाही और विभागीय जांच कराई जायेगी।

इसे भी पढ़ें:  दिवाली से पहले योगी सरकार का तोहफा: यूपी के 28 लाख कर्मचारियों को DA-DR में 3% बढ़ोतरी
Share This Article