गणेश चतुर्थी पर श्रद्धा भाव से घरों में स्थापित किए गणपति भगवान

सहारनपुर । महानगर में श्री गणेश चतुर्थी पर लोगों ने श्रद्धा भाव से घरों में गणपति भगवान को स्थापित किया। विधि विधान से पूजा अर्चना करने साथ ही गणपति को लड्डु का भोग लगाया। सोमवार को श्री गणेश चतुर्थी के साथ गणपति महोत्सव की शुरूआत हो गई। इसके तहत लोगों ने भगवान श्री गणेश की मूर्तियां अपने घरों में स्थापित कर उनकी पूजा अर्चना कर लड्डू का भोग लगाया है। अब रोजाना सुबह और शाम लोग घरों पर ही भगवान की पूजा अर्चना करेंगे। कोई तीन, कोई पांच, कोई सात और कोई दस दिन तक भगवान गणपति की पूजा अर्चना करने के बाद नदी में मूर्ति का विसर्जन करेगा।

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गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। वैसे तो काफी लोग घरों में भी मोदक तैयार कर लेते हैं, लेकिन जो बना नहीं बाते वह बाजार से खरीदकर लाते हैं। मावा से निर्मित मोदक का दाम 640 रुपये प्रति किलोग्राम है। मिठाई की दुकानों में एक दिन में करीब 50 से 60 किलो मोदक की बिक्री हुई।

उधर राधा विहार स्थित महा शक्तिपीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में गणेश चतुर्थी गणेश स्थापना अवसर पर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा गणपति रिद्धि बुद्धि सिद्धि एवं समृद्धि के दाता है ।
श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वाधान में आयोजित गणेश महोत्सव में गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की अष्टधातु की प्रतिमा का विधिवत गंगाजल दूध दही घी शहद शक्कर गुलाब जल से स्नान कराया गया तत्पश्चात गणेश जी की विधिवत मंत्र उच्चारण कर स्थापना की गई और गणेश जी को भोग अर्पण कर गणेश जी की आरती उतर गई। गणपति महिमा का वर्णन करते हुए स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा गणपति रिद्धि सिद्धि बुद्धि एवं समृद्धि के दाता हैं। गणपति महाराज को साक्षात ब्रह्म का आधार माना गया है। सभी देवों की ऊर्जा उन्ही में निवास करती है। उन्होंने कहा गणेश का विसर्जन नहीं करना चाहिए बल्कि उनके बड़े हुए ब्रह्म तेज का विसर्जन शास्त्रों का आधार है। उन्होंने कहा गणपति पूजन आत्म तत्व शोध एवं जागृति का महान आधार है क्योंकि वह प्रत्यक्ष मां भगवती पार्वती ने ब्रह्म तेज के रूप में प्रकट की है जिसके कारण उन्हें शत रज तम का संयुक्त रूप माना जाता है। इसी कारण उन्होंने सभी देवों को पराजित किया किया और शिव से गजमुख प्राप्त कर प्रथम पूजा का अधिकार प्राप्त किया। गणपति जी पूजा करने से जीवन में सुख समृद्धि प्राप्त होती है एवं जीवन का कल्याण होता है। इस अवसर पर रमेश शर्मा, राजेंद्र धीमान, अश्विनी कंबोज, सागर गुप्ता, अनिल कश्यप, राजबाला, बबीता, सुचेता, कमल, चंपा, रानी आदि रहे।

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