खतौली के गांवों में घोटाला-वित्तीय अनियमितता में ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित

खतौली ब्लॉक में तैनात आर्यन सिंह के खिलाफ हुई कार्यवाही से हड़कंप, डीपीआरओ ने गठित की जांच समिति

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के विकास खंड खतौली में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी आर्यन सिंह को वित्तीय अनियमितताओं, पंचायत गेटवे पोर्टल को बाईपास करते हुए भुगतान करने, शासकीय कार्यों में लापरवाही तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ निलंबन आदेश जारी किया गया। डीपीआरओ ने बताया कि पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के निदेशक द्वारा जारी आदेशों के अनुसार पाया गया कि जुलाई एवं अगस्त 2025 माह के दौरान ग्राम पंचायत अम्बरपुर मथेडी, चन्दसीना एवं रामपुर से कुल कई लाख रुपये की धनराशि का भुगतान पंचायत गेटवे पोर्टल के माध्यम से न करते हुए अन्य माध्यमों से किया गया। उल्लेखनीय है कि शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी प्रकार के भुगतान पंचायत सचिवालय में स्थापित कम्प्यूटर सिस्टम के माध्यम से पंचायत गेटवे पोर्टल पर ही किए जाएं, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। इस संबंध में आर्यन सिंह को कई बार पत्र भेजकर आरोपपत्र पर 15 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया था।
बताया कि सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) विकास खंड सदर को जांच अधिकारी नामित किया गया था, जिन्होंने भी अलग-अलग पत्रों के माध्यम से उत्तर मांगा, परंतु 31 अक्तूबर 2025 तक आर्यन सिंह की ओर से कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। शासन द्वारा यह भी पाया गया कि संबंधित अधिकारी ने पंचायत गेटवे पोर्टल को एक से अधिक बार बाईपास करते हुए भुगतान की पुनरावृत्ति की, जिससे वित्तीय अनुशासन का गंभीर उल्लंघन हुआ है। जारी आदेश में कहा गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान आर्यन सिंह को वित्तीय हस्तपुस्तिका के मूल नियम के अंतर्गत अर्द्धऔसत वेतन के आधार पर जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ-साथ समय-समय पर लागू महंगाई भत्ता तथा अन्य प्रतिकर भत्ते भी उन्हें तभी प्राप्त होंगे, जब वे यह प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे कि वे अन्य किसी व्यवसाय या सेवा में संलग्न नहीं हैं।
मोरना ब्लॉक की टीम करेगी विस्तृत जांच
डीपीआरओ रेणू श्रीवास्तव ने अपने आदेश में बताया कि निलंबन के उपरांत आर्यन सिंह को खंड विकास अधिकारी कार्यालय, मोरना से संबद्ध किया गया है। प्रकरण की जांच अब सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकास खंड मोरना द्वारा की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक अधिकारी को किसी प्रकार के प्रशासनिक या वित्तीय कार्यों से पूर्णतः अलग रखा जाएगा। प्रदेश स्तर पर पंचायती राज विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी वित्तीय लेन-देन केवल पंचायत गेटवे पोर्टल के माध्यम से ही हों। इस दिशा में शासन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसी भी ग्राम पंचायत अधिकारी या सचिव द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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