खतौली में लेखपाल पर गिरी गाज: एसडीएम ने किया सस्पेंड, अवैध कब्जे में लापरवाही का आरोप

मुजफ्फरनगर। खतौली के रतनपुरी क्षेत्र में कार्यरत लेखपाल कुलदीप कुमार को कार्य में लापरवाही और अनियमितता के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। खतौली एसडीएम डा. ललित कुमार मिश्र ने यह कार्रवाई नायब तहसीलदार खतौली और राजस्व निरीक्षक मंसूरपुर की आख्या के आधार पर की।

एसडीएम के अनुसार, कुलदीप कुमार अनुशासनहीन और लापरवाह कर्मचारी हैं तथा क्षेत्र में निवास भी नहीं कर रहे थे।

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लेखपाल कुलदीप कुमार सस्पेंड: क्या है पूरा मामला

आरोप है कि ग्राम रतनपुरी की भूमि खसरा संख्या 616म जो नवीन परती भूमि है, उसके एक हिस्से पर धर्मवती पत्नी भीम सिंह निवासी रतनपुरी द्वारा अवैध कब्जा किया गया है।

इस मामले में धर्मवती के विरुद्ध उ०प्र० राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के अंतर्गत बेदखली का वाद विचाराधीन है। इसके बावजूद आरोप है कि लेखपाल द्वारा अतिक्रमणकर्ता से दुरभिसंधि की गई।

बताया गया कि 29-03-2026 को उक्त भूमि पर लैण्टर डालकर अवैध कब्जा किया जा रहा था।

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रतनपुरी में लेखपाल को क्यों किया गया सस्पेंड?

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, लेखपाल पर आरोप है कि उन्होंने अवैध कब्जे के मामले में कार्रवाई नहीं की और कथित रूप से अतिक्रमणकर्ता के साथ मिलीभगत की।

एसडीएम ने इसे सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के विरुद्ध माना और तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की।

निलंबन अवधि में क्या होंगे नियम

आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में कुलदीप कुमार को वित्तीय नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह भत्ता अर्द्धवेतन के बराबर होगा।

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साथ ही, अन्य प्रतिकर भत्ते भी निर्धारित शर्तों के अनुसार देय होंगे।

इस प्रकरण में तहसीलदार खतौली को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें 07 दिन के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने और एक माह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

निलंबन अवधि में कुलदीप कुमार को राजस्व निरीक्षक कार्यालय, तहसील खतौली से संबद्ध किया गया है।

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