नरेश-राकेश के बयान पर बवाल, देशभक्ति पर उठे सवाल!

मुजफ्फरनगर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी घटना के विरोध में देशभर में गम और गुस्सा बना हुआ है, घटना के बाद से लगातार पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं और केन्द्र सरकार के हर फैसले का समर्थन किया जा रहा है। ऐसे में भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत और प्रवक्ता राकेश टिकैत के बयानों को लेकर गुस्सा फूटने लगा है। इन बयानों को लेकर टिकैत परिवार पूरी तरह से निशाने पर आ चुका है। उनके खिलाफ प्रदर्शन होने लगे हैं और लोग आवाज उठाकर यही सवाल कर रहे हैं कि टिकैत परिवार आज देश का साथ खड़ा एक देशभक्त है, या पाकिस्तान के खिलाफ सरकार के फैसलों का विरोध कर यह परिवार गद्दारी कर रहा है! हालांकि भाकियू अध्यक्ष ने अपने बयान पर खेद व्यक्त कर बात बराबर कर ली है, लेकिन इसके बावजूद भी उनका विरोध किया जा रहा है। अब इस विरोध में भाजपा भी कूद पड़ी है।

भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री अमित राठी और जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में किसान कार्यकर्ता मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे और पहलगाम में हुई घटना के खिलाफ आक्रोश जाहिर करने के साथ ही भारतीय किसान यूनियन के शीर्ष नेताओं के द्वारा दिए जा रहे बयानों की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया और आग्रह किया कि टिकैत परिवार अपने पूर्वजों के साथ ही किसान बिरादरी और बालियान खाप को शर्मसार करने का काम न करे, देश के साथ खड़े होकर समर्थन करें और देश विरोधी बयानों से बाज आये। क्षेत्रीय मंत्री अमित राठी ने कहा कि आज पूरा देश पहलगाम में शहीद हुए लोगों के लिए इंसाफ की मांग कर रहा है, आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ है और केन्द्र सरकार के हर फैसला का समर्थन देश का हर व्यक्ति कर रहा है, लेकिन टिकैत परिवार के लोग इससे अलग खड़े नजर आ रहे हैं। सिंधु जल संधि को लेकर नरेश टिकैत और इसके बाद राकेश टिकैत द्वारा हमले के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री को दोषी ठहराने वाले बयानों की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश के खिलाफ है।

राजू अहलावत ने कहा कि उन्होंने किसान मसीहा महेन्द्र सिंह टिकैत से लेकर नरेश टिकैत तक के साथ काम कर किसानों के हितों के लिए लड़ाई लड़ी है। कभी भी भाकियू के नेताओं ने देश के खिलाफ बयान नहीं दिया है। महेन्द्र सिंह टिकैत ऐसे मामलों में सीधे तौर पर देश के साथ खड़े हो जाते थे, लेकिन आज भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत जो हमारे समाज के मुखिया भी हैं, ने जिस तरह का बयान दिया है, वो समाज के साथ ही देश को भी शर्मसार कर रहा है, हालांकि उन्होंने खेद व्यक्त कर लिया है, लेकिन इसके बाद राकेश टिकैत ने भी इस हमले के लिए प्रधानमंत्री पर आरोप लगाये हैं, जो वो कांग्रेस के राज के पिछले दस साल याद कर लें, जिसमें आतंकी घटनाओं में हजारों भारतीय मारे गये। 26/11 का हमला कांग्रेस राज में हुआ, तो क्या इसके लिए सोनिया और राहुल दोषी थे। उन्होंने कहा कि आज सि(ारमैया, नेहा राठौर जैसे चंद लोग ही हैं, जो गलत बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे बयानों की लिस्ट में भाकियू अध्यक्ष न आये हमारा यही आग्रह है, इससे किसान और बालियान खाप बदनाम हो रहे हैं, समाज पर सवाल उठ रहे हैं। नेहा पर मुकदमा हुआ, लेकिन हम नरेश टिकैत पर मुकदमा दर्ज करने की मांग भी नहीं कर सकते हैं, क्योंकि वो हमारे समाज के चौधरी हैं। कानून अपना काम करे। राजू ने कहा कि उन्होंने राकेश टिकैत से फोन पर बात कर नाराजगी जताई और कहा कि वो ऐसे बयान देकर देश के किसान को शर्मिन्दा न करें। कहा कि भाजपा सरकार ने पुलवामा और उरी का भी एक मजबूत बदला लिया, इसमें भी कार्यवाही होगी, पूरा देश सरकार के साथ हर फैसले में खड़ा हुआ है। इस प्रदर्शन के दौरान अमित राठी, राजू अहलावत के साथ तरूण त्यागी, सुधीश पुण्डीर, विनीत ठाकुर, मुकेश कश्यप, नितिन त्यागी, चमन ठाकुर, डॉ. राजकुमार, भूपेन्द्र प्रजापति, मनोज राठी, अमित धर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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