कंस मामा बोला-बेइज्जती करा रही थी हिमांशी, इसलिए मार डाला

मुजफ्फरनगर। सनसनीखेज हिमांशु हत्याकांड से पुलिस ने रविवार को विधिवत पर्दा उठा दिया है। अभी तक पैसों और प्रेम के फेर में उलझे इस हत्याकांड में पुलिस ने दावा किया है कि यह ऑनर किलिंग का ही मामला है। हत्यारोपी मामा ने भी पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि तलाकशुदा प्रेमी से विवाद रचाने के कारण ही वो हिमांशी से नाराज थे, उसको कई दिनों से समझाया जा रहा था, लेकिन वो जिद पर अड़ी रही और घटना के दिन सुबह ही अपने प्रेमी से विधिवत विवाह रचाने के लिए गाजियाबाद जा रही थी। जिस कार उसको घर में ही दो गोलियां मारकर कत्ल कर दिया गया। इसके बाद शव ठिकाने लगाने के दौरान ग्रामीण और पुलिस के आ जाने पर वो कार में शव को छोड़कर फरार हो गये थे। पुलिस ने हत्यारोपी पिता पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि तीसरे आरोपी तक पहुंचने में पुलिस फेल ही साबित हुई है।

पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान खतौली के हिमांशी हत्याकांड का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि शनिवार की रात्रि में इस हत्याकांड में वांछित चल रहे दो हत्यारोपियों को खतौली पुलिस ने ग्राम खेड़ी कुरैश बस स्टैण्ड से गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से आलाकत्ल 01 तमंचा मय कारतूस 315 बोर बरामद किया गया। एसपी सिटभ् ने बताया कि गत आठ नवम्बर को थानाक्षेत्र खतौली के ग्राम रसूलपुर कैलोरा में 01 लड़की हिमांशी की हत्या उसके परिजनो ंके द्वारा किये जाने की सूचना पर वो स्वयं पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे थे, घटना स्थल पर मृतका का शव 01 लावारिस खड़ी कार में पड़ा हुआ मिला।

जानकारी की गयी तो पता चला कि मृतका की मां कविता व मृतका हिमांशी के नाम पर 30 वीघा जमीन थी, जिसमें से 22 बीघा जमीन को बेचकर जो पैसे मिले थे, उन्हे लेकर एवं हिमांशी के विवाह को लेकर मामा और उसके पुत्रों के साथ हिमांशी का विवाद चल रहा था। इस मामले में मामा और उसके दो पुत्रों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। रविवार को पुलिस ने हत्यारोपी मामा भरतवीर पुत्र हरपाल और उसके पुत्र मुकुल निवासी ग्राम रसूलपुर कैलोरा को गिरफ्तार कर लिया।

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ममेरे भाई ने तमंचा निकालकर मारी दो गोलियां, दो मुकदमे पहले से हैं दर्ज

एसपी सिटी के अनुसार पूछताछ के दौरान मामा भरतवीर ने बताया कि हिमांशी मेरी बहन कविता की बेटी थी। मेरे बहनोई अनिल की मृत्यु लगभग 10 वर्ष पूर्व हो गयी थी, पिछले 02 वर्ष से हिमांशी व मेरी बहन कविता हमारे साथ रह रही थी। हिमांशी ने करीब एक महीना पहले विनीत निवासी सदरपुर मेरठ से कोर्ट मैरिज कर ली थी तथा 12 नवम्बर को गाजियाबाद में सामाजिक रूप से हिमांशी की शादी होनी थी। हमे यह लडका विनीत पसंद नही था, क्योंकि विनीत तलाकशुदा था। हमारे द्वारा इस शादी का विरोध किया गया लेकिन हिमांशी नहीं मान रही थी। सात नवम्बर को हमने हिमांशी को शादी करने से मना किया, रात भर इसको लेकर विवाद चला, लेकिन वह नहीं मानी और आठ नवम्बर की सुबह वह अपने तलाकशुदा प्रेमी विनीत के साथ शादी करने के लिए गाजियाबाद जाने लगी तो हम लोगों ने उसे रोका, वह शादी न करने के लिए समझाया परन्तु वह नहीं मानी। हमें इस बात से अपनी बेज्जती महसूस हुई। मैंने और अंकुश ने कहा कि मुकुल इसे गोली मार दे। मुकुल ने अलमारी से तमंचा निकालकर हिमांशी को गोली मार दी।

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हत्यारोपी मामा भारतवीर ने बताया कि गोली मारने पर हिमांशी तड़पने लगी थी, बाद में हम लोग हिमांशी को घायल अवस्था में गाड़ी में डालकर बाहर ले गये। रास्ते में हिमांशी की मृत्यु हो गयी। हम हिमांशी के शव को ठिकाने लगाने जा ही रहे थे कि गांव के काफी लोग वहां इकटठे हो गये थे तथा पुलिस भी वहां आ गयी थी। जिस कारण हम लोग हिमांशी के शव को गाड़ी में छोड़कर वहां से भाग गये। एसपी सिटी ने बताया कि मुख्य हत्यारोपी मुकुल के खिलाफ वर्ष 2022 में भी दो मुकदमे दर्ज मिले हैं। एक आरोपी अंकुश अभी पुलिस पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में टीम लगी हुई हैं। एसपी सिटी ने कहा कि हिमांशी की हत्या सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण ही की गई है। जमीन की बिक्री से आये पैसों का अभी कोई विवाद सामने नहीं आया है। आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा, एसएसआई प्रवीण कुमार, एसआई कर्णवीर सिह, अक्षय कुमार और पंकज कुमार, कांस्टेबल पाल सिंह और तेजवीर सिंह शामिल रहे। 

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