MUZAFFARNAGAR-नदी के बीच धरना देकर ग्रामीणों ने फहराया तिरंगा

मुजफ्फरनगर। आजादी के 77 साल पूरे होने पर देश भर के साथ ही जिले में अधिकारी, मंत्री, विधायक और गांव दर गांव प्रधान व अन्य जन प्रतिनिधियों के द्वारा 78वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और विकास के दावों के बीच मनाया गया। इस बीच जिले के चरथावल ब्लॉक में एक गांव ऐसा भी है, जहां के ग्रामीणों को अपने बीवी बच्चों के साथ दो जून की रोटी जुटाने के लिए रोजाना ही कई कई बार अपनी जान को जोखिम में डालने को विवश हो रहे हैं।

दरअसल, सिकन्दरपुर गांव में नदी पर पुल नहीं होने के कारण रोजाना ही गांव के महिला और पुरुषों को अपने बच्चों के साथ नदी के बीच से डूबकर खेतों पर आना जाना पड़ता है। इसी समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन के युवा मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा के नेतृत्व में पूर्व चेतावनी के अनुसार सिकन्दरपुर के ग्रामीण महिला और पुरुषों ने अनोखे ढंग से स्वतत्रंता दिवस मनाते हुए नदी के बीच खड़े होकर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए पुल का निर्माण होने तक बेमियादी नदी आंदोलन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने ऐलान किया कि जब तक नदी पर पुल नहीं बनेगा तब तक नदी पर ही आंदोलन चलता रहेगा।

जनपद के चरथावल ब्लॉक के गांव सिकंदरपुर से सामने आई कुछ तस्वीरें परेशान करने वाली हैं। इस गांव में निवास कर रहे ग्रामीण नदी के अंदर से होकर अपने खेतों तक जाने का जोखिम उठाने को विवश हो रहे हैं। खेतों से अपने पशुओं के लिए चारा लाना और अपने बच्चों को खेतों तक ले जाने के लिए उनको नदी की धारा को चीरना पड़ता है। इस विवशता पर जिले के अधिकारियों का कोई ध्यान ही नहीं गया। भारतीय किसान यूनियन के युवा मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि नदी में बड़े हयूम पाइप तो डाल दिये गये, लेकिन उन पर पुल का निर्माण नहीं कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को नदी पार अपने खेतों में आवागमन के लिए सुविधा मिलती। अस्थाई पुल का निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीण नदी के बीच से खेतों तक आने जाने के लिए विवश हैं।

इसी समस्या को लेकर गुरूवार को सिकन्दरपुर के ग्रामीणों ने भाकियू नेता विकास शर्मा के नेतृत्व में नदी के अंदर ही 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर ग्रामीण नदी पर पहुंचे और नदी में ही ट्रैक्टर ट्राली को घुसा दिया गया। ट्राली पर ग्रामीण महिलाओं ने अपने बच्चों के साथ बैठकर शासन और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया तो पुरुषों ने नदी में घुसकर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए राष्ट्रगान गाने के बाद बेमियादी आंदोलन शुरू कर दिया। विकास शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों का यह आंदोलन उनकी परेशानियों को लेकर सोये हुए जिला प्रशासन के अधिकारियों को जगाने के लिए है, जब तक प्रशासन सिकन्दरपुर के ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए नदी पर आवागमन के लिए अस्थाई पुल का निर्माण नहीं कराता, तब तक ग्रामीणों का यह नदी आंदोलन जारी रखा जायेगा। 

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