मेरी थाली सेहतवाली : खानपान की आदतों में सुधार और जनजागरूकता की दिशा में यूनिसेफ इंडिया का नया क़दम

भारत को सुपोषित बनाने की दिशा में एक और प्रभावशाली पहल करते हुए यूनिसेफ इंडिया ने ‘मेरी थाली सेहतवाली’ नामक एक डिजिटल अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य पूरे देश में लोगों को स्वस्थ और संतुलित आहार की महत्ता के प्रति जागरूक करना है। डिजिटल माध्यमों के ज़रिए यह पहल हर घर तक पहुंचकर खानपान की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेगी। यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे ने इस अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “जो आहार हम खाते हैं और जो खानपान का व्यवहार हम अपनाते हैं, वही हमारे विकास और सेहत का मूलमंत्र होते हैं। बच्चों और युवाओं को संतुलित खानपान अपनाना चाहिए, वहीं जीवन के विभिन्न पड़ावों जैसे किशोरावस्था और गर्भावस्था में महिलाओं और किशोरियों को अतिरिक्त व पौष्टिक आहार लेना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि प्राय: हम यह नहीं समझ पाते कि परिवार के हर सदस्य, चाहे वह बच्चा हो, किशोर हो या बुजुर्ग – सभी के लिए स्वस्थ आहार कैसा होना चाहिए। ऐसे में यह अभियान जागरूकता के उस अंतर को भरने का कार्य करेगा। यह डिजिटल अभियान आकर्षक पोस्ट, वीडियो और जिंगल्स के माध्यम से जनसामान्य तक पहुंचने का प्रयास करेगा। यूनिसेफ का उद्देश्य सरकार और अपने सहयोगियों के प्रयासों को समर्थन देकर इस मिशन को अधिक प्रभावी बनाना है। ‘मेरी थाली सेहतवाली’ अभियान के अंतर्गत 6 अहम हेल्दी टिप्स साझा किए गए हैं, जो विशेष रूप से अभिभावकों और देखभालकर्ताओं के लिए बनाए गए हैं:

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1. शिशुओं के लिए: जन्म से 2 वर्ष तक के बच्चों को स्तनपान और संपूर्ण ऊपरी आहार देना आवश्यक है।

2. महिलाओं और किशोरियों के लिए: किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को ‘अतिरिक्त हेल्दी नाश्ता’ और ‘पोषण युक्त स्नैक्स’ का सेवन करना चाहिए।

3. भोजन की समानता: महिलाओं और किशोरियों को परिवार के बाकी सदस्यों के साथ बैठकर भोजन करना चाहिए, न कि सबसे अंत में।

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4. रंग-बिरंगी थाली: पूरे परिवार को हर दिन मौसमी फल-सब्ज़ियों से सजी हुई, रंगों से भरपूर थाली अपनानी चाहिए, जिससे सभी पोषक तत्व मिल सकें।

5. जंक फूड से दूरी: अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों व अत्यधिक चीनी, नमक और वसा युक्त खाने से परहेज करें और स्वस्थ विकल्पों को चुनें।

6. सक्रिय जीवनशैली: उम्र चाहे कोई भी हो, शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, खेलना-कूदना और घूमना-फिरना स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

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यूनिसेफ का यह अभियान इस सच्चाई को उजागर करता है कि आज के समय में सिर्फ कुपोषण ही नहीं, बल्कि अधिक वजन और मोटापा भी वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियां बन चुकी हैं। अस्वस्थ खानपान का सीधा संबंध 56% बीमारियों जैसे कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में एक विविध और संतुलित आहार ही हमें इन बीमारियों से बचा सकता है।

#मेरीथालीसेहतवाली अभियान का मुख्य उद्देश्य संपूर्ण जीवनकाल में स्वस्थ भोजन को बढ़ावा देना और खानपान की आदतों में सुधार लाकर एक स्वस्थ भारत की नींव रखना है। यूनिसेफ की यह पहल न केवल एक जनजागरूकता अभियान है, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है, जिसे हमें मिलकर निभाना होगा – अपने, अपने परिवार और देश के बेहतर स्वास्थ्य के लिए।

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