डीएम ने तहसील सदर में पकड़ी खामियां, तहसीलदार को फटकार

मुजफ्फरनगर। रैन बसेरों का औचक निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं के दावों की पोल खोलने के बाद जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने अब तहसीलों में कामकाज की हकीकत से पर्दा उठाया है। उन्होंने सदर तहसील के कार्यालयों का औचक निरीक्षण करते हुए वहां कामकाज की स्थिति का जायजा लिया तो जन सरोकार से जुड़े मामलों में अफसरों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली बेहद खराब पाये जाने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए मौके पर ही तहसीलदार को फटकार लगाते हुए जवाब तलब किया है। उन्होंने संपत्तियों का नामांतरण के मामले काफी दिनों से लम्बित पाये और इसका भी पूछा तो लोगों ने खसरा खतौनी की नकल मिलने में भी चक्कर काटने की विवशता जाहिर की तो डीएम तहसीलदार पर भड़क गये। उन्होंने एसडीएम सदर को मामले में जांच करते हुए कार्यवाही के निर्देश दिये।

शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्र तहसील सदर में जन चौपाल के लिए पहुंचे थे। समाधान दिवस में बैठने से पहले जिलाधिकारी ने तहसील सदर में कार्यालयों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया। यहां पर उन्होंने संपत्तियों के नामांतरण, खसरा खतौनी की नकल, के साथ ही विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों को जारी किये जाने की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान तहसील सदर में संपत्तियों के नामांतरण की स्थिति बेहद खराब पाये जाने पर डीएम उमेश मिश्र का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही मौजूद तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि जब शासन द्वारा जनता से जुड़े कार्यों के लिए एक निर्धारित समयावधि तय कर दी गई है, तो उस समय के भीतर कार्य क्यों नहीं निपटाये जा रहे हैं। उन्होंने संपत्तियों के नामांतरण के दावे और आवेदन लम्बे समय से निस्तारित नहीं होने का कारण भी तलब किया है। साथ ही खसरा और खतौनी की कम्प्यूटराइज्ड नकल जारी करने की स्थिति की भी जानकारी ली।

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यहां पर जिलाधिकारी ने गांव देहात से आये लोगों से भी चर्चा करते हुए तहसील सदर के कामकाज के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। कुछ ग्रामीणों ने मौके पर ही डीएम को शिकायत करते हुए बताया कि खसरा खतौनी की नकल पाने के लिए काफी चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। डीएम ने यहां पर अन्य कार्यालयों का भी निरीक्षण करते हुए आय, जाति, मूल निवास आदि प्रमाण पत्रों को जारी करने और दूसरे कार्यों की प्रगति को भी परखा। उन्होंने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस में लोगों की समस्याओं को जानने और उनका उचित माध्यम से निस्तारण कराये जाने के लिए वो तहसील सदर में पहुंचे थे। यहां पर कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने के दौरान अनेक अनियमितता और खामियां पाई गई हैं। संपत्तियों का नामांतरण काफी दिनों से लम्बित रखा गया है, जिसको लेकर तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड से उनका स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य खामियों के कारण एसडीएम सदर निकिता शर्मा को जांच करते हुए दोषी पाये गये लोगों को दंडित करने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने कहा कि जनहितों के प्रति अधिकारियों के साथ ही कर्मचारियों को भी जवाबदेह रहना होगा। हर कार्य के लिए एक निश्चित समय सीमा बनाई गई है। यदि उस समय सीमा में कार्य नहीं किये जा रहे हैं, तो यह गंभीर अनियमितता और लापरवाही की श्रेणी में आता है। लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसडीएम सदर से मामले में रिपोर्ट भी मांगी गयी है।

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एसडीएम सदर निकिता शर्मा ने बताया कि डीएम साहब द्वारा आज तहसील के आरके ऑफिस ;राजस्व निरीक्षक-कानूनगोद्ध का औचक निरीक्षण किया। यहां पर संपत्तियों के नामांतरण में समयावधि में खतौनी जारी नहीं करने के प्रकरण सामने आये तो उन्होंने नाराजगी जताई और जांच के लिए कहा है। संपत्ति नामांतरण में आवेदन के सात दिनों के भीतर ही नामांतरण करते हुए खतौनी जारी करने की व्यवस्था है। इसमें काफी प्रकरण लम्बित रहने के कारण ही उन्होंने कार्यवाही के लिए कहा है। इसके अलावा खतौनी की एकल खिड़की पर पहुंचकर भी व्यवस्था को देखा गया। जो सही पाई गई है।

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डीएम और एसएसपी ने सुनी समस्याएं, अफसरों को मौके पर भेज निपटाये प्रकरण

मुजफ्फरनगर। सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर शनिवार को तहसील सदर में डीएम उमेश मिश्र और एसएसपी अभिषेक सिंह के द्वारा जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ शिकायतों को सुना गया। इस दौरान अफसरों ने वहां पर अपनी समस्या लेकर आये लोगों को सुना, जिलाधिकारी ने बताया कि यहां पर आई शिकायतों का समयावधि में गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके साथ ही कुछ मामलों में अधिकारियों को मौके पर भेजकर ही जांच पड़ताल कराई गई है और प्रकरणों को निस्तारण कराया। उन्होंने अधिकारियों को शेष मामलों का समय से निस्तारण करने के लिए कहा है। इस दौरान मुख्य रूप से एसडीएम सदर निकिता शर्मा, एसडीएम एसओसी संजय सिंह, तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड, सीओ सदर राजू साव के अलावा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और पुलिस अफसर भी मौजूद रहे। 

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