कांग्रेस नेता से मधुबन रेस्टोरेंट खाली करायेगी पालिका

मुजफ्फरनगर। कांग्रेस के कब्जे वाले मधुबन रेस्टोरेंट को खाली कराने के लिए पालिका ने कमर कस ली है। इसे अवैध कब्जा मानते हुए पालिका बोर्ड ने भी अब कांग्रेस नेता के खिलाफ कार्यवाही कर अपनी भूमि वापस लेने की तैयारी की है। कांग्रेस नेता ने 17 साल से पालिका को किराया भी नहीं दिया और पालिका का उन पर करीब 70 लाख रुपये का राजस्व किराये और ब्याज के रूप में बकाया चल रहा है। इसमें विधिक राय के बाद बोर्ड मीटिंग में प्रस्ताव लाया गया, जिस पर सदन ने पीपी एक्ट के अन्तर्गत मधुबन रेस्टोरेंट की भूमि खाली कराने की स्वीकृति प्रदान की है।

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पालिका सभागार में मंगलवार को हुई बोर्ड मीटिंग में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप की सहमति पर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने एजेंडे से अलग कर विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल किया। इसमें बताया गया कि मधुबन रेस्टोरेंट की भूमि जो ब्रजभूषण गर्ग पुत्र स्व. चेतनलाल को आवंटित की गई थी, पर वर्तमान में अवैध कब्जा किया गया है। ब्रजभूषण द्वारा न तो पालिका को किराया जमा कराया गया है और न ही भूमि खाली की जा रही है। इसको खाली कराये जाने के प्रस्ताव पर सदन ने अपनी सहमति प्रदान की है।

ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि ब्रजभूषण गर्ग को मेरठ रोड स्थित कमला नेहरू वाटिका से 250 वर्ग फुट भूमि 1977 में 525 रुपये प्रतिमाह की दर से मासिक किराये पर आवंटित की गई थी। इसमें 2019 में 127.76 वर्गमीटर एरिया और बढ़ाया गया। ब्रजभूषण गर्ग ने 2008 से कोई भी किराया जमा नहीं कराया है। इसके लिए कर विभाग ने पैनल रेंट की गणना कर बकाया 69 लाख 21 हजार 132 रुपये का भुगतान मांगने के लिए 17 जनवरी 2025 को नोटिस जारी किया था। ब्रजभूषण गर्ग की ओर से जवाब दिया गया है कि यह मामला सिविल जज सीनियर डिविजन कोर्ट नम्बर 2 के यहां विचाराधीन है। इस पर कोई स्थगन आदेश लागू नहीं है। बताया कि यह सम्पत्ति ब्रजभूषण गर्ग के साथ ही सत्य प्रकाश व धर्मपाल गर्ग के नाम पालिका से आवंटित है, लेकिन वर्तमान में ब्रजभूषण गर्ग ही काबिज हैं, इसके लिए पालिका की अधिवक्ता माधुरी सिंह से विधिक राय मांगी गई, जिसमें उन्होंने ब्रजभूषण गर्ग के कब्जे को पूरी तरह से अवैध बताते हुए इसे खाली कराने के लिए पब्लिक प्राइवेट एक्ट के तहत कानूनी कार्यवाही करने का सुझाव दिया है। आवंटन निरस्त कर भूमि को खाली कराने के लिए आज बोर्ड में सहमति प्रदान की गई है। इसमें अब पालिका कर विभाग द्वारा आगामी कार्यवाही सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। 

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