पेंशन नियमों पर पारित विधेयक के खिलापफ पेंशनर्स में आक्रोश

मुजफ्फरनगर। पेंशन के नियमों में बदलाव करते हुए लाये गये विधेयक के संसद में पारित होने के खिलाफ पेंशनर्स ने कड़ा विरोध जताते हुए देशव्यापी प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय पर भी पेंशनर्स के विभिन्न संगठनों के द्वारा अलग अलग प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गये।

गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष इंजीनियर बी आर शर्मा के नेतृत्व में पेंशनर्स द्वारा कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संगठन की ओर से प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम मुख्यालय अपूर्वा यादव को सौंपा गया। पेशन के नियमों में नये नियमों को जोड़ते हुए लाये गये विधेयक का विरोध जताया गया। ज्ञापन में कहा गया कि सरकार को सेवानिवृत्त लोगों के जीवन यापन भत्ते से खिलवाड़ करने का कोई अधिकार नहीं है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रविंद्र नागर ने प्रधानमंत्री से निवेदन किया कि आठवे वेतन आयोग में पेंशनर्स को मिलने वाली सुविधाओं से कोई छेड़छाड़ ना की जाए। फेडरेशन के जिला संयोजक इंजीनियर बी बी गुप्ता ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया तथा इन्हें संस्तुति सहित अग्रसारित करने का निवेदन किया। इस कड़ी में एसडीएम अपूर्वा यादव को ज्ञापन दिया गया। साथ ही पेंशनर्स द्वारा एसडीएम अपूर्वा यादव को सम्मानित किया गया। सभा में डीपी जैन, यू सी वर्मा, रामबीर सिंह, ईश्वर सिंह बालियान, एमडी शर्मा, डीके गुप्ता, योगेंद्र शर्मा, सीताराम, पी के गुप्ता, केके शर्मा, लोकेश चंद्र, आर के गोयल, बी बी शर्मा, गजपाल शर्मा और रियाज अहमद आदि उपस्थित हुए।

दूसरी ओर वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्था उ.प्र. अध्यक्ष एमए अलवी और सचिव सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में वित्त विधेयक 2025 में पेंशन से सम्बंधित नियमों में किये गये संशोधनों को विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग के साथ कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री के नाम दिये ज्ञापन में कहा गया कि केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमों और भारत की संचित निधि से पेंशन देनदारी पर व्यय के सिद्धांतों के वैद्यकरण से संबंधित विधेयक संसद से पारित हो जाने के फलस्वरुप केंद्र सरकार को पूर्व पेंशनरों और वर्तमान पेंशनरों में विभेद करने का अधिकार प्राप्त हो गया है। पेंशनर्स के बीच इस भेदभाव को दूर करने के लिए ऑल इंडिया स्टेट पेंशनर्स फेडरेशन के आवाहन पर पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी के माध्यम से पेंशनर्स द्वारा विरोध पत्र प्रधानमंत्री भारत सरकार को भेजे जा रहे हैं, इससे देश में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। कहा कि यह संशोधन पेंशनर्स के अधिकार समाप्त करने के लिए लाया गया है। 

इसे भी पढ़ें:  शुकतीर्थ पहुंचे एसएसपी को स्वामी ओमानंद ने किया सम्मानित
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *