शामली निवासी ट्रक हेल्पर की उड़ीसा सड़क हादसे में मौत

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के शामली निवासी ट्रक हेल्पर की उड़ीसा में हुए एक सड़क हादसे में मौत हो गई। शव एंबुलेंस से उसके आवास पर लाया गया तो परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। ट्रक मालिक के परिजन मृतक हेल्पर के परिजनों को समझाने में लगे रहे, लेकिन वो मान नहीं रहे थे।

उत्तर प्रदेश के शाामली जनपद में जलालाबाद हसनपुर लुहारी गांव के युवक की उड़ीसा में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बुधवार सुबह जब युवक का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने बिना मुआवजा मिले शव को एम्बुलेंस से उतारने से मना कर दिया। फिलहाल ट्रक मालिक व मृतक युवक के परिजनों के बीच बातचीत चल रही है। उधर, युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी निवासी संजू पुत्र मुन्ना लाल उम्र 38 वर्ष ट्रक पर हेल्पर का काम करता था। करीब एक सप्ताह पहले वह अपने ट्रक में चावल भरकर उड़ीसा गया था। एक सितंबर को उड़ीसा में ही पहाड़ी पर एक स्थान पर ट्रक का एक्सीडेंट हो गया। जिसमें संजू गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर रूप से घायल होने पर संजू की मौके पर ही मौत हो गई थी।

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बुधवार सुबह उड़ीसा से एम्बुलेंस के जरिए संजू का शव हसनपुर लुहारी स्थित उसके गांव पहुंचा। शव के साथ ट्रक मालिक भी आये थे। शव घर पहुंचते ही परिवार सहित पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उधर, मौके पर मौजूद परिजनों ने संजू के शव को एम्बुलेंस से उतारने से मना कर दिया। परिजनों का कहना था कि जिस वक्त हादसा हुआ संजू ट्रक में बतौर हेल्पर मौजूद था। लेकिन ट्रक मालिक ने दुर्घटना का मुआवजा लेने के लिए जो प्रक्रिया शुरू की है उसमें से संजू को बाहर कर दिया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि ट्रक मालिक दुर्घटना का सारा मुआवजा खुद लेना चाहता है, जबकि संजू के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं नहीं है। उसके परिवार में मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनके पालन पोषण का अकेला सहारा केवल संजू था। ट्रक मालिक के परिजन भी मौके पर पहुंच गये थे। उन्होंने भी मृतक के परिजनों को समझाने का प्रयास किया और हर संभव मदद करने का वादा भी किया, लेकिन ुपरिजन संजू का शव एम्बुलेंस से उतारने का तैयार नहीं हुए। घंटों तक हंगामा चलता रहा। ट्रक मालिक के परिजनों से संजू के परिवार के लिए मुआवजे की मांग की जा रही थी। 

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