आयोग के सदस्य के सामने सफाई कर्मियों ने रखी अपनी बात

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य महिपाल सिंह वाल्मीकि शुक्रवार सुबह नगरपालिका परिषद् पहुंचे। यहां पर सफाई कर्मचारियों ने उनके सामने अपनी बात को रखते हुए पालिका के अधिकारियों पर उत्पीड़न और शोषण करने का खुला आरोप लगाया, सुविधा और लाभ नहीं मिलने की बात भी कही गई, इसके साथ ही एमआईटूसी कंपनी के द्वारा निकाले गये सफाई कर्मियों ने भी आयोग सदस्य के सामने अपनी शिकायत को रखा और शोषण के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की गई। सारे प्रकरणों में आयोग सदस्य के द्वारा अधिशासी अधिकारी को समस्या का समाधान कराने और कंपनी के खिलाफ कर्मचारी विरोधी कार्य करने पर कार्यवाही करने के लिए निर्देश दिये गये हैं। पालिका में सफाई कर्मचारी संघ का चुनाव नहीं कराये जाने की शिकायत भी हुई और सफाई कर्मियों ने संगठनात्मक चुनाव कराये जाने की मांग भी उनके सामने रखी।

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य महिपाल सिंह वाल्मीकि शुक्रवार को सुबह नगरपालिका परिषद् मुख्यालय टाउनहाल पहुंचे। यहां सभाकक्ष में आयोजित मीटिंग में अधिशासी अधिकारी डाॅ. प्रज्ञा सिंह ने उनका बुके देकर स्वागत किया। इस दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल पंवार और अन्य भाजपा नेता भी यहां पर पहुंचे थे। साथ ही सफाई कर्मचारी और वाल्मीकि समाज के अनेक नेता भी यहां आयोग सदस्य के समक्ष सफाई कर्मचारियों के हितों को उठाने तथा निकायों में उनके उत्पीड़न और शोषण के मामलों की जानकारी देने के लिए पहुंचे थे। मीटिंग में आयोग सदस्य महिपाल सिंह ने वाल्मीकि समाज के संगठनों के पदाधिकारियों के साथ अनेक मुद्दों पर बात की तो वहीं सफाई कर्मचारियों ने भी अपनी समस्या को रखा।

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वाल्मीकि समाज के नेता दीपक गम्भीर ने भी सफाई कर्मचारियों की समस्या को उठाया। उन्होंने जनपद की सभी दस निकायों में चलाये गये धरना प्रदर्शन आंदोलन की जानकारी देते हुए कहा कि आंदोलन के बाद भी जिला प्रशासन और निकाय प्रशासन कर्मचारियों के हितों को लेकर संवेदनशील नहीं है। इसके साथ ही जितेन्द्र वाल्मीकि, संदीप कुमार, वंश वशिष्ठ, प्रिंस कुमार के साथ ही अन्य सफाई कर्मचारियों ने एमआईटूसी कंपनी के खिलाफ भी अपनी बात आयोग सदस्य के सामने रखते हुए आरोप लगाया कि कंपनी ने करोड़ों रुपये की हेराफेरी करते हुए कर्मचारियों के हक का पैसा हड़प कर लिया है और पालिका स्तर से कोई भी कार्यवाही कंपनी के खिलाफ नहीं की जा रही है। हाल ही में कंपनी ने आवाज उठाने वाले 13 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया और उनका भुगतान भी नहीं किया। कर्मचारियों कोई ईपीएफ और ईएसआई का कोई लाभ नहीं दिया गया है।

चमन लाल ढिंगान, राजू वैध, मदनलाल, राजेश उटवाल आदि सफाई कर्मचारी नेताओं ने आयोग सदस्य के सामने आरोप लगाया कि पालिका प्रशासन सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव नहीं करा रहा है, और कर्मचारियों का खुला शोषण किया जा रहा है। कई बार पालिका प्रशासन से चुनाव कराये जाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे कर्मचारी अपने आपको पीड़ित महसूस कर रहे हैं। चुनाव को यह कहकर टालने का प्रयास किया जा रहा है कि कर्मचारियों में विवाद है, लेकिन सभी कर्मचारी संगठनात्मक चुनाव कराये जाने के लिए एकजुट हैं। इस दौरान आयोग सदस्य महिपाल सिंह वाल्मीकि ने ईओ डाॅ. प्रज्ञा सिंह को कर्मचारियों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निस्तारण कर अवगत कराने के लिए कहा है। मीटिंग में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. अतुल कुमार, सेनेट्री इंस्पेक्टर प्लाक्षा मैनवाल सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। 

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