टूटे सपने लेकर अमेरिका से मुजफ्फरनगर वापस लौटे दो युवक

मुजफ्फरनगर। अमेरिका से टूटे सपने लेकर सैंकड़ों भारतीय स्वदेश लौट आये हैं। अमेरिका से गिरफ्तारी के बाद नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई व्यवस्था के अनुसार अवैध प्रवासी के रूप में इन भारतीयों को कैदी के रूप में एक विशेष विमान से भारत डिपोर्ट कर दिया गया है। पंजाब के अमृतसर में विमान से इसको स्वदेश उतारा गया। इनमें मुजफ्फरनगर के भी दो युवक वापस लौटे हैं, जो अमेरिका में नौकरी कर अपने परिवार का सहारा बनने का सपना संजोकर मोटा पैसा खर्च करने के बाद गए थे। एक युवक तो एक दिन भी नौकरी नहीं कर पाया और दूसरा युवक सात माह से अमेरिका में रहकर नौकरी कर रहा था, लेकिन उसको अवैध प्रवासी के रूप में गिरफ्तार कर लिया गया।

अमेरिका में नए राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण करने के साथ ही अमेरिका में सख्त और नए निर्णय लिये गये, जिन पर हाथों हाथ ही अमल भी शुरू कर दिया गया। इसी कड़ी में अवैध रूप से अमेरिका गए लोगों को ट्रंप प्रशासन ने वापस उनके देशों में भेजना शुरू कर दिया है। इसमें सैंकड़ों भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है। अमृतसर में अमेरिका से विशेष विमान से इनको स्वदेश भेजा गया है। इनमें मुजफ्फरनगर के दो युवक भी अवैध प्रवासी के रूप में अमेरिका वापस भेज दिए गए हैं। इससे इन परिवारों के लोगों में निराशा का भाव बना हुआ है। युवक भी टूटे हुए सपने लेकर वापस अपने घर पहुंचे तो ग्रामीण भी इन युवकों से मिलकर वहां पर चल रही देश निकाला जैसी व्यवस्था को लेकर अपनी जिज्ञासा को शांत करने के लिए बातचीत करते नजर आये।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार अमेरिका में नई व्यवस्था के कारण अवैध प्रवासी के रूप में रह रहे 104 भारतीयों को अमेरिका ने डिपोर्ट किया है। इनमें अधिकांश पंजाब और हरियाणा के बताये गये हैं। जबकि उत्तर प्रदेश के भी कई लोग अमेरिका से डिपोर्ट हुए हैं। इनमें मुजफ्फरनगर जनपद के दो युवक शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार पुरकाजी क्षेत्र के गांव भदौली के मजरा मारकपुर का रहने वाला देवेंद्र सिंह भी अमेरिका से वापस भेजे गए युवाओं में शामिल है। वह 20 दिन पहले ही एक कंपनी में नौकरी लगने के कारण कांट्रैक्टर के माध्यम से कैलिफोर्निया गया था, लेकिन वहां पहुंचते ही उसे पकड़ लिया गया। बताया गया कि गांव के छोटी जोत के किसान कुलबीर सिंह का पुत्र देवेन्द्र सिंह परिवार को आर्थिक रूप से सहारा देने के लिए अमेरिका में बड़ी कंपनी में नौकरी लगने से उत्साहित था और जब वो 20 दिन पहले अमेरिका के लिए उड़ान भर गया तो पूरे परिवार में उत्साह का आलम था, लेकिन कैलिफोर्निया पहुंचने के बाद ही उसको अमेरिकन पुलिस द्वारा अवैध प्रवासी भारतीय के रूप में गिरफ्तार कर लिया गया, तभी से वो पुलिस की हिरासत में था और विगत दिवस उसको भारत डिपोर्ट कर दिया गया। कुलबीर सिंह के पास 15 बीघा ही खेती योग्य भूमि है, जिस पर खेती कर वो परिवार को चला रहे हैं। वो बताते हैं कि देवेंद्र को उसके कुछ परिचितों ने अमेरिका में नौकरी का सपना दिखाया और इसके बाद देवेन्द्र अमेरिका में ही नौकरी करने की तैयारी में जुट गया। उसने अपने परिचितों के माध्यम से कान्ट्रैक्टर से मुलाकात की और 35 लाख रुपये खर्च कर अमेरिका गया था। परिजनों ने बताया कि आज देवेंद्र वापस लौट आया है। उसका कहना है कि अमेरिका में प्रवेश मिलते ही उसे पकड़ लिया गया था, तभी से वह अमेरिकन पुलिस की हिरासत में था। उससे पुलिस अफसरों द्वारा कई कई घंटों तक लगातार पूछताछ की जा रही थी। कुलबीर ने बताया कि देवेंद्र के परिवार में पत्नी हर्शमीत कौर, दो बेटे अंशदीप और वंशदीप हैं। वो भी 104 भारतीयों के साथ अमृतसर लाया गया था, यहां से परिवार के लोग उसको लेकर घर पहुंचे।

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इसके साथ ही शाहपुर क्षेत्र के गांव रसूलपुर जाटान निवासी रिटायर्ड फौजी सुधीर बालियान का पुत्र रक्षित बालियान भी अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया है। रक्षित पिछले सात माह से अमेरिका की कंपनी में नौकरी कर रहा था। 12वीं के बाद कांट्रेक्टर के माध्यम से परिजनों ने मोटा पैसा खर्च करते हुए रक्षित को अमेरिका भेज दिया था, लेकिन अब उसको अवैध प्रवासी के रूप में डिपोर्ट कर दिया गया था। रक्षित के पिता सुधीर बालियान सेना से सेवानिवृत्त हैं और उनके पास करीब 20 बीघा जमीन बताई गई है, जिस पर वो खेती करते हैं। रक्षित अमेरिका से वापस आने पर निराश है तो वहीं उसके पिता सुधीर का कहना है कि वो अब बेटे को विदेश नहीं भेजेंगे, उसको पहले बीटेक कराएंगे, इंजीनियरिंग में वो रक्षित का करियर बनाने की योजना में जुट गये हैं। उन्होंने कहा कि उनका बेटा वहां से सकुशल वापस आ गया है, परिवार से मिल गया है, यही सबसे बड़ा उपकार वो ईश्वर का मानते हैं। उसके वापस आने के बावजूद भी उनका परिवार हताश नहीं है। 

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