सहारनपुर। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के निर्देशों के क्रम में प्राकृतिक एवं औद्योगिक आपदाओं से जन-धन की सुरक्षा और त्वरित राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा हेतु 18 सितंबर को जनपद की सभी तहसीलों में राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सलिल कुमार पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में जिले की 5 तहसीलों के 5 विशिष्ट स्थलों पर भूकंप, गैस रिसाव और आगजनी जैसी आपात स्थितियों का कृत्रिम परिदृश्य (सिनेरियो) बनाकर पूर्वाभ्यास कराया जाएगा। अपर जिलाधिकारी सलिल कुमार पटेल ने बताया कि प्रत्येक तहसील में संबंधित उप जिलाधिकारी की देखरेख में विभिन्न स्थलों पर मॉक ड्रिल आयोजित होगी।
उन्होंने बताया कि तहसील सदर के स्टार पेपर मिल में औद्योगिक इकाई में गैस रिसाव व आगजनी बचाव अभ्यास प्रातः 10:30 बजे से 11:00 बजे तक, तहसील बेहट के जनता इंटर कॉलेज में स्कूल सुरक्षा व भूकंप बचाव अभ्यास प्रातः 11:00 बजे से 11:45 बजे तक, तहसील देवबंद के एच०ए0वी० डिग्री कॉलेज में भूकंप सुरक्षा अभ्यास प्रातः 11:45 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक, तहसील नकुड़ के सतगुरू इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी, टाबर रोड में ऊंचे भवनों में आगजनी सुरक्षा अभ्यास प्रातः 11:45 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक तथा तहसील रामपुर मनिहारान के गोचर इंटर कॉलेज में भूकंप सुरक्षा अभ्यास दोपहर 12:15 बजे से 12:45 बजे तक किया जायेगा।
मॉक ड्रिल के दौरान सूचनाओं के आदान-प्रदान और त्वरित समन्वय के लिए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कक्ष संख्या-29 में जिला आपदा नियंत्रण केंद्र पूरी तरह सक्रिय रहेगा। किसी भी आपात स्थिति या सूचना हेतु दूरभाष नंबर 0132-2723971 तथा टोल-फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है। सभी विभागों की संयुक्त टीमें रहेंगी तैनात सलिल कुमार पटेल ने बताया कि प्रत्येक अभ्यास स्थल पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस बल, बिजली विभाग, एनसीसी, स्काउट-गाइड्स तथा आपदा मित्र/स्वयंसेवक मौजूद रहेंगे।
घटनास्थल पर स्टैजिंग एरिया, मेडिकल कैंप और इंसीडेंट कमांड पोस्ट बनाकर वास्तविक आपात स्थिति की तरह राहत व बचाव कार्य का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि 18 सितंबर को आयोजित होने वाली यह गतिविधि केवल एक पूर्व-निर्धारित प्रशासनिक पूर्वाभ्यास (मॉक ड्रिल) है। स्थानीय नागरिक किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक न हों। इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक तंत्र की सजगता को परखना और आम जनमानस में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
