सहारनपु। लोकेश हत्याकांड में नागल थाना पुलिस और स्वाट-सर्विलांस की संयुक्त टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि शराब ठेके पर सेल्समैन का काम करने वाले लोकेश की रोजाना की आवाजाही पर नजर रखने के बाद नकदी लूटने की योजना बनाई गई थी। विरोध करने पर आरोपियों ने कथित रूप से उसे सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में डुबो दिया।
15 अगस्त को मिला था लोकेश का शव
एसपी देहात मयंक पाठक ने पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को बताया कि 15 अगस्त को रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के गांव मुंडीखेड़ी निवासी अंकित पुत्र प्रीतम सिंह ने नागल थाने में तहरीर दी थी। अंकित ने अपने भाई लोकेश की हत्या कर शव सड़क किनारे गड्ढे में फेंके जाने की जानकारी दी थी।
लोकेश शराब की दुकान पर सेल्समैन था। वह 14 अगस्त की रात करीब 10 बजे दुकान बंद करने के बाद मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। अगली सुबह सीडकी-लाखनौर मार्ग पर आईटीआई के पास पानी से भरे गड्ढे में उसका शव मिला था। घटनास्थल के पास उसकी मोटरसाइकिल भी मिली थी।
तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नागल पुलिस के साथ स्वाट और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया।
रेलवे पुल के पास से पांच गिरफ्तार
एसपी देहात के अनुसार संयुक्त पुलिस टीम ने 17 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाईवे से गांगनौली शुगर मिल जाने वाले रास्ते पर कार्रवाई की। रेलवे पुल के पास विकसित हो रही कॉलोनी से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव नयागांव निवासी राहुल उर्फ राज सिंह पुत्र सोनू सैनी, विकास पुत्र जैन सिंह और रामधारी पुत्र धर्मपाल के रूप में हुई। इनके अलावा हरिद्वार के बहादराबाद थाना क्षेत्र स्थित गांव रोहाल्की किशनपुर निवासी विशाल पुत्र राजकुमार तथा विकास पुत्र कीरत सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
लोकेश हत्याकांड में पुलिस ने बताई कथित साजिश
पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पहले लोकेश के काम और आने-जाने के समय की जानकारी जुटाई थी। उन्हें कथित रूप से पता चला था कि लोकेश प्रतिदिन रात करीब 10 बजे दुकान बंद कर अकेला घर लौटता है और लाल रंग के पिट्ठू बैग में बिक्री की नकदी रखता है।
पुलिस के अनुसार पांचों आरोपियों ने मिलकर बैग लूटने की योजना बनाई। योजना के तहत दो आरोपी मोटरसाइकिल से लोकेश के पीछे चले और फोन पर उसकी गतिविधियों की जानकारी दूसरे साथियों को देते रहे। तीन अन्य आरोपी दूसरी मोटरसाइकिल से सीडकी और लाखनौर के बीच इंतजार कर रहे थे।
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दावा किया कि आईटीआई के पास राहुल उर्फ राज सिंह ने अपनी मोटरसाइकिल लोकेश की बाइक के बराबर में लगाकर उसे पीछे से लात मारी। इससे लोकेश और दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार आरोपी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गए।
बैग छीनने के दौरान पानी में गिरा लोकेश
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने लोकेश से पिट्ठू बैग छीनने का प्रयास किया। छीना-झपटी के दौरान बैग की पट्टी टूट गई और लोकेश पानी से भरे गड्ढे में गिर गया।
पुलिस का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने लोकेश की गर्दन पकड़कर उसे पानी में डुबोए रखा। उसकी मृत्यु होने के बाद आरोपी बैग लेकर खेतों के रास्ते फरार हो गए और बैग को पोपलर के खेत में छिपा दिया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कथित बयान में घटनास्थल पर एक लोडेड तमंचा और चप्पलें छूटने की बात भी सामने आई है। इन वस्तुओं की बरामदगी और फोरेंसिक स्थिति की अलग से जांच की जा रही है।
दो बाइक, मोबाइल, बैग और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो अवैध चाकू, दो मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिल, मृतक का पिट्ठू बैग और ₹1,490 नकद बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक पांचों आरोपी रेलवे पुल के पास कथित रूप से लूट के सामान और नकदी का बंटवारा करने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया। मामले में साक्ष्य संकलन और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। आरोपियों की ओर से पुलिस के आरोपों पर कोई स्वतंत्र पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है। दोष का अंतिम निर्धारण न्यायालय करेगा।
