शामली में सनसनीः तीन माह बाद कोर्ट में बोलेगा आयुष मलिक

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 16 सितंबर को पेश करने का दिया आदेश, बयान से धर्मांतरण और घर वापसी प्रकरण में खुल सकते हैं कई राज

मुजफ्फरनगर। पड़ोसी जनपद शामली के चर्चित आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली धर्मांतरण प्रकरण में करीब ढाई माह बाद नया मोड़ आया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने घर वापसी के बाद अज्ञातवास काट रहे आयुष मलिक को 16 सितंबर 2026 को अदालत के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद शामली में ठंडे बस्ते में माने जा रहे इस प्रकरणम में नई सनसनी उभरी है। पुलिस-प्रशासन से लेकर आयुष के परिजनों तक हलचल बढ़ गई है। आयुष की पेशी के बाद उसके धर्मांतरण, विवाह, कथित घर वापसी और पिछले करीब तीन माह से सार्वजनिक जीवन से दूर रहने को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के साथ ही कई राज खुलने की उम्मीद है।

उल्लेखनीय है कि जून 2026 में योग साधना आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर ने आयुष मलिक के कथित जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। इसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया। स्वामी के आरोपों के बीच शुरुआत में आयुष ने मीडिया के सामने आकर कहा था कि उसने बिना किसी दबाव के अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया और अपना नाम मोहम्मद अली रखा। उसने चांदनी कुरैशी से शादी करने की बात भी कही थी। इसी बीच बढ़ते सामाजिक दबाव और तनाव में आयुष के पिता बड़े दवा कारोबारी देवराज मलिक की शिकायत पर पुलिस ने अवैध धर्मांतरण के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। मामले में आयुष की कथित पत्नी चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी समेत तीन आरोपियों को जेल भेजा गया था। प्रकरण से जुड़े कई मुकदमे भी दर्ज हुए।

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29 जून को आयुष मलिक की घर वापसी की वीडियो ने चौंकाया

इसके बाद जून के अंतिम सप्ताह में आयुष का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह दोबारा सनातन धर्म अपनाने और घर वापसी की बात कहता दिखाई दिया। वीडियो में उसने अपने माता-पिता से माफी भी मांगी। वीडियो में आयुष घर में बने मंदिर में पूजा और दीप प्रज्वलित करता नजर आया। इसके बाद उसके पिता देवराज मलिक और स्वामी यशवीर ने भी वीडियो को सही बताते हुए घर वापसी की बात कही थी।

आयुष मलिक प्रकरण में धर्मान्तरण के आरोप में गिरफ्तार चांदनी कुरैशी और उसके पिता पुलिस हिरासत के दौरान।

हालांकि, 29 जून को सामने आए इस वीडियो के बाद आयुष सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिया। उसके पिता ने उस समय बताया था कि आयुष ने 15 दिन का मौन धारण किया है और किसी से बातचीत नहीं करेगा। बाद में उसके बहन के घर रहने की बात सामने आई। इसके बाद आयुष की सार्वजनिक गतिविधियों और स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठते रहे।

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दोस्त सलमान का दावा, आयुष परेशान, मुझसे मांगी मदद

इसी बीच आयुष के दोस्त मोहम्मद सलमान ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की। याचिका में आरोप लगाया गया कि घर वापसी के बाद आयुष को उसके परिवार ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा कुछ हिंदूवादी संगठनों के नेताओं की मिलीभगत से अवैध हिरासत में रखा है और उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता छीन ली गई है। सलमान ने दावा किया कि आयुष पाबंदियों से परेशान है और उसने उससे मदद मांगी है। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने दस्तावेजों के आधार पर प्रथम दृष्टया टिप्पणी की कि आयुष द्वारा अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाने और चांदनी कुरैशी से शादी करने की बात सामने आती है। कोर्ट ने आयुष के पिता देवराज सिंह मलिक और पुलिस को नोटिस जारी किया है।

कोर्ट की अवमानना पर एसपी-थानाध्यक्ष की बढ़ सकती है मुश्किल

अदालत ने निर्देश दिया है कि आयुष मलिक को 16 सितंबर 2026 को हर हाल में कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए। यदि निर्धारित तिथि पर उसे पेश नहीं किया जाता है तो पुलिस अधीक्षक और थानाध्यक्ष को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर युवक को पेश न कर पाने का कारण बताना होगा। साथ ही आयुष को अदालत में प्रस्तुत करने के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी भी देनी होगी। एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन कराया जाएगा। वहीं आयुष के पिता देवराज मलिक का कहना है कि उन्हें अभी कोर्ट से कोई नोटिस नहीं मिला है। उनका दावा है कि आयुष अवैध हिरासत में या किसी के दबाव में नहीं है और वह अपने कारोबार में लगा हुआ है। दुकान पर जाता है।

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8 जून को मीडिया के सामने आया था आयुष मलिक

आयुष की आखिरी उपस्थिति 29 जून के घर वापसी वाले वीडियो के रूप में सामने आई थी। इससे पहले 8 जून को उसने सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने आकर अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाने की बात कही थी। उसने मुखर होकर दावा किया था कि स्कूल के समय से ही वह इस्लाम से प्रभावित था और उसने बिना किसी दबाव के धर्म परिवर्तन किया। उसने यह भी कहा था कि चांदनी कुरैशी से शादी का प्रस्ताव उसने स्वयं रखा था। अब 16 सितंबर को होने वाली पेशी पर निगाहें टिकी हैं। अदालत में आयुष की मौजूदगी और उसके बयान से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि धर्मांतरण, विवाह, घर वापसी और पिछले ढाई माह से उसके सार्वजनिक जीवन से दूर रहने की वास्तविक स्थिति क्या है?

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