नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कांवड़ मार्ग का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, तमन्ना मलिक व अमीशा बानो के निर्णय को बताया सामाजिक सौहार्द का प्रेरक संदेश
मुजफ्फरनगर। सावन मास की पावन कांवड़ यात्रा के बीच शुक्रवार को नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने शिव चौक सहित संपूर्ण कांवड़ मार्ग का भ्रमण कर नगर पालिका द्वारा की गई व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, कंट्रोल रूम एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नगर पालिका पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।

निरीक्षण के दौरान मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि सावन मास की कांवड़ यात्रा केवल भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और भक्ति का महापर्व ही नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की भी जीवंत मिसाल प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर की धरती पर हर वर्ष जिस प्रकार सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिलकर कांवड़ यात्रियों की सेवा में जुटते हैं, वह गंगा-जमुनी संस्कृति की मजबूत परंपरा को दर्शाता है।

इसी दौरान शिव चौक पर एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब संभल की निवासी तमन्ना मलिक अपने पति अमन त्यागी तथा उनकी बहन अनीसा बानो के साथ कांवड़ यात्रा के दौरान बुर्के में गंगाजल लेकर शिव चौक पहुंचीं। नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने दोनों का पुष्पमालाएं पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कांवड़ यात्रा में शामिल होने के उनके निर्णय की मुक्तकंठ से सराहना की।
इस अवसर पर मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि हरिद्वार से गाजियाबाद तक पवित्र कांवड़ लेकर आ रहीं मुस्लिम बहनों अनीसा बानो एवं तमन्ना मलिक से आत्मीय भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों बहनों से संवाद के दौरान उनके उत्साह, श्रद्धा और आस्था को निकट से जानने का अवसर मिला। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कांवड़ यात्रा केवल शिवभक्ति और आस्था का महापर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का भी सशक्त संदेश देती है। सभी धर्मों और समुदायों की सहभागिता हमारी गंगा-जमुनी तहजीब तथा राष्ट्र की एकता को और अधिक सुदृढ़ बनाती है।
