चरथावल में टोंटी चोरी से हाहाकार, समाजसेवियों ने फूंका विरोध का बिगुल

जल विभाग की लापरवाही पर फूटा लोगों का गुस्सा, टोंटी चोर चरथावल छोड़ लिखे पोस्टरों के साथ प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर। जिले के चरथावल कस्बे में इन दिनों अजीबोगरीब चोरियों ने लोगों की नींद हराम कर दी है। बात किसी कीमती गहनों या नकदी की नहीं, बल्कि उन पानी की टोंटियों की है जो सार्वजनिक स्थलों पर जनता की सुविधा के लिए लगाई गई थीं। दिन-ब-दिन बढ़ती टोंटी चोरी की घटनाओं से कस्बे में न केवल पानी की बर्बादी हो रही है, बल्कि लोगों में आक्रोश भी चरम पर है।
चरथावल क्षेत्र में बीते कुछ हफ्तों से लगातार टोंटी चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि जल विभाग द्वारा लगाई गई कई लोहे और पीतल की टोंटियां रात के अंधेरे में गायब हो चुकी हैं। हैरानी की बात यह है कि कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद चोर खुलेआम अपनी करतूत को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस अब तक उनकी पहचान तक नहीं कर सकी है। चोरी की वजह से जगह-जगह पानी का बहाव लगातार बना रहता है, जिससे सड़कों पर कीचड़ और पानी की बर्बादी ने आमजन का जीवन दूभर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल विभाग और पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को समाजसेवियों और कस्बेवासियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। समाजसेवी वरुण त्यागी और शिवम वर्मा के नेतृत्व में दर्जनों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने टोंटी चोर चरथावल छोड़ और जल बचाओ, टोंटी लगवाओ जैसे नारे लगाते हुए पुलिस प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर जल्द ही चोरी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो वे थाना परिसर तक कैंडल मार्च और धरना देने को मजबूर होंगे। कस्बे के निवासी महेश चौधरी ने बताया कि हर सुबह जल निकासी के पाइपों से पानी बर्बाद होता देखा जा सकता है। हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। चोरों को शायद पता है कि उन पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया जाएगा, उन्होंने नाराजगी जताई। दूसरी ओर, जल विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विभाग ने चोरी रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर विचार शुरू कर दिया है और पुलिस को घटनाओं की जानकारी दी गई है। चरथावल की यह टोंटी चोरी अब एक छोटे अपराध से बढ़कर सामाजिक चिंता का विषय बन चुकी है। यह सिर्फ धातु की चोरी नहीं, बल्कि पानी की बर्बादी और जनसुविधा के अपमान का प्रतीक बन गई है। लोगों की मांग है कि पुलिस त्वरित कार्रवाई कर चोरों को पकड़कर जनता में भरोसा बहाल करे।

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