मुजफ्फरनगर सीमा पर पुलिस की जांच में लंबाई, चौड़ाई और ध्वनि स्तर तय मानकों से अधिक मिला
मुजफ्फरनगर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संचालन को लेकर मुजफ्फरनगर पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है। शासन की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले डीजे वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कार्रवाई के तहत हरिद्वार से आ रहे कश्यप डीजे को जनपद की सीमा पर जांच के दौरान निर्धारित मानकों के विपरीत पाए जाने पर 50 हजार रुपये का चालान किया गया। एसएसपी संजय वर्मा के सख्त निर्देशन में पुलिस ने डीजे को मौके पर ही निर्धारित मानकों के अनुरूप संशोधित कराने के बाद ही आगे जाने की अनुमति दी।
पुलिस के अनुसार कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, निर्बाध यातायात व्यवस्था और शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जनपद की सभी सीमाओं एवं प्रमुख कांवड़ मार्गों पर डीजे वाहनों की सघन जांच की जा रही है। इसी क्रम में कश्यप डीजे की जांच के दौरान उसकी लंबाई, चौड़ाई तथा ध्वनि (डेसीबल) स्तर निर्धारित मानकों से अधिक पाया गया। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि डीजे के ऊपर कई लोग बैठे हुए थे, जिससे वाहन की ऊंचाई बढ़ गई थी। इससे विद्युत लाइनों और अन्य अवरोधों से दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।
साथ ही अत्यधिक बड़े आकार के कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा था। पुलिस ने इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए संबंधित डीजे संचालक पर 50 हजार रुपये का चालान किया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके पर ही डीजे को शासन द्वारा निर्धारित लंबाई, चौड़ाई और ध्वनि मानकों के अनुरूप कराया। सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने के बाद ही वाहन को उसके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही सभी डीजे संचालकों को शासन की गाइडलाइन का पालन करने के संबंध में नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद के सभी प्रवेश बैरियरों और कांवड़ मार्गों पर डीजे वाहनों की लगातार जांच की जा रही है। जो वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिल रहे हैं, उन्हें मौके पर ही मानकों के अनुसार संशोधित कराया जा रहा है। पुलिस ने शिवभक्त कांवड़ियों और डीजे संचालकों से अपील की है कि वे शासन के सभी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
