मुजफ्फरनगर। भैंस चोरी का खुलासा करते हुए रतनपुरी पुलिस ने मेरठ निवासी दो आरोपियों को कथित मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान बोलेरो सवार आरोपियों ने टीम पर गोली चलाई और भागने का प्रयास किया। पीछा करके पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो भैंसें, एक तमंचा, कारतूस, चाकू और बोलेरो बरामद की गई है।
भैंस चोरी का खुलासा कैसे हुआ
पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त की रात रतनपुरी थाना पुलिस बड़सू रजवाहे के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान बड़सू रजवाहे से फुलत जाने वाले रास्ते पर पीतम सिंह की प्रतिमा के पास एक संदिग्ध बोलेरो आती दिखाई दी।
पुलिस टीम ने चालक को वाहन रोकने का संकेत दिया, लेकिन बोलेरो सवार नहीं रुके। पुलिस का आरोप है कि वाहन में सवार लोगों ने जान से मारने की नीयत से टीम पर गोली चला दी। इस दौरान किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस ने बोलेरो का पीछा किया और आगे घेराबंदी करके दो लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हकीकत पुत्र मोमीन और खालिद पुत्र नसीर के रूप में हुई है। दोनों मेरठ जिले के सरूरपुर थाना क्षेत्र स्थित जसड़ सुल्तानपुर गांव के निवासी बताए गए हैं।
बोलेरो से मिलीं चोरी की दो भैंसें
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का एक कथित अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक चाकू बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने यूपी-15 एचटी-8847 नंबर की बोलेरो भी कब्जे में ली है।
बोलेरो से मिलीं दो भैंसों को रियावली नंगला में दर्ज चोरी के मुकदमे से संबंधित बताया गया है। इस मामले में रतनपुरी थाने पर मुकदमा अपराध संख्या 126/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 और 331(4) में मामला दर्ज है।
दो घरों से भैंस चोरी करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 28 और 29 जुलाई की मध्यरात्रि रियावली नंगला गांव के दो अलग-अलग घरों से दो भैंसें चोरी हुई थीं। घटना के बाद पीड़ितों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने भैंस चोरी की घटना में शामिल होने की बात कही। पुलिस के अनुसार, दोनों भैंसों को बेचने के लिए बोलेरो में ले जाया जा रहा था। इसी दौरान वाहन चेकिंग में दोनों को पकड़ लिया गया। आरोपियों के कथित बयान और बरामदगी की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी बाकी है।
पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज बताए गए मामले
रतनपुरी पुलिस की ओर से जारी विवरण में हकीकत के खिलाफ तीन मुकदमों का उल्लेख किया गया है। इनमें सरूरपुर थाने का एक मामला तथा रतनपुरी थाने में दर्ज भैंस चोरी और पुलिस मुठभेड़ से संबंधित मुकदमे शामिल हैं।
खालिद के खिलाफ रतनपुरी थाने में भैंस चोरी और कथित मुठभेड़ से संबंधित दो मामले दर्ज बताए गए हैं। आपराधिक इतिहास में दर्ज मामले आरोप हैं; इनमें दोषसिद्धि की स्थिति प्रेस नोट में स्पष्ट नहीं की गई है।
पुलिस टीम में ये अधिकारी और कर्मचारी रहे शामिल
कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह और रतनपुरी थाना प्रभारी राकेश कुमार के निर्देशन में किए जाने की जानकारी दी गई है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक शैलेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक गजेंद्र सिंह, कांस्टेबल नरेश कुमार, सचिन गौतम, शिवकुमार और विष्णु कुमार शामिल रहे।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी, हथियार और वाहन की बरामदगी के संबंध में अलग से विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया जाएगा। बरामद भैंसों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी अभी प्रतीक्षित है।
