लालकिला से चोरी हुए 1.5 करोड़ के स्वर्ण कलश का आरोपी हापुड़ से गिरफ्तार | Delhi Police

दिल्ली के लालकिला परिसर से डेढ़ करोड़ रुपए मूल्य के दो स्वर्ण कलश चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई यूपी के हापुड़ जिले के असौड़ा गांव में की गई, जहां रविवार देर रात दिल्ली पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया।

आरोपी की पहचान और आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार आरोपी का नाम भूषण वर्मा है, जो पेशे से ड्राइवर और जाति से सुनार है। पुलिस के अनुसार भूषण ‘कलश चोरी’ का शातिर अपराधी है। इससे पहले भी वह दिल्ली के लाल मंदिर और अशोक विहार मंदिर से कलश चोरी कर चुका है। उस पर पहले से ही पांच मामले दर्ज हैं।

इसे भी पढ़ें:  जात-पात देश की गुलामी का कारण रहा: सीएम योगी 

पुलिस ने उसके घर से एक कलश जैसी वस्तु भी बरामद की है। परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए हैं।

ऐसे हुई थी स्वर्ण कलश चोरी

3 सितंबर को लालकिला परिसर में जैन समाज का दशलक्षण महापर्व आयोजित था। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इसी आयोजन के दौरान प्रतिष्ठित व्यापारी सुधीर जैन डेढ़ करोड़ रुपए कीमत के दो स्वर्ण कलश पूजन के लिए लेकर आए थे।

इसे भी पढ़ें:  नेपाल की हिंसा में फंसे मुजफ्फरनगर के भाजपा नेता

दोनों कलश एक बैग में रखकर किचन एरिया में सुरक्षित रखे गए थे। इसी बीच भूषण वर्मा जैन मुनि का भेष धरकर किचन एरिया में घुस गया और बैग खंगालकर स्वर्ण कलश वाले बैग को लेकर वहां से फरार हो गया।

CCTV फुटेज से खुली पोल

स्वर्ण कलश चोरी की घटना कैमरे में कैद हो गई। CCTV में साफ दिखा कि आरोपी जैन मुनि की वेशभूषा में कलश लेकर बाहर निकल रहा है। पुलिस ने शनिवार को सोशल मीडिया पर चोर की तस्वीर साझा की थी, जिसके बाद उसकी पहचान कर गिरफ्तारी की गई।

इसे भी पढ़ें:  सहारनपुर में एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध मौत, कमरे से शव और तमंचे बरामद

स्वर्ण कलश का महत्व

जानकारी के मुताबिक, एक स्वर्ण कलश पर लगभग 760 ग्राम सोने का नारियल जड़ा था, जबकि दूसरे कलश पर हीरे, पन्ने और माणिक लगे हुए थे। ये कलश जैन धर्म के लिए अत्यंत पवित्र माने जाते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग किए जाते हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *