सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में 115 साल पुरानी मस्जिद ध्वस्त, तनाव व्याप्त

सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया था अवेध, लगाया था 6 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना, आरएएफ के साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद

सहारनपुर। कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शनिवार अल सुबह शुरू की गई। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट को सील कर दिया गया। किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया गया। इस दौरान आरएएफ समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। 2 सितंबर को जिला जज का आदेश आने के बाद मस्जिद को हटाई जाने की कार्रवाई शुरू की गई है। जेसीबी डंपर आदि रात में ही परिसर पहुंच गए थे। इसके बाद सुबह धीरे-धीरे मस्जिद के ढांचे को जेसीबी से हटाया गया। इस कार्यवाही को लेकर राजनीतिक हलचल चरम पर बनी नजर आई तो लोगों में रोष भी दिखा। पुलिस प्रशासन की कार्यवाही को लेकर तनाव व्याप्त है। इसी कारण भारी फोर्स के साथ अफसर अहतियात बरतते रहे। यह मस्जिद 115 साल पुरानी बताई जा रही है।

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सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद में शनिवार अलसुबह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट सील कर दिए। किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। सुरक्षा के लिए आरएएफ समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। मस्जिद हटाने की कार्रवाई दो सितंबर को जिला जज की अदालत के आदेश के बाद शुरू की गई। जेसीबी, डंपर और अन्य मशीनें रात में ही कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचा दी गई थीं। इसके बाद शनिवार सुबह धीरे-धीरे मस्जिद के ढांचे को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई।

ध्वस्तीकरण से पहले ही कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों प्रवेश द्वार सील कर दिए गए। किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। आसपास के क्षेत्र में भी पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई। पुलिस-प्रशासन और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ने मस्जिद हटाने से पहले जिलेभर के माहौल का जायजा लिया। खुफिया इनपुट जुटाने के बाद शुक्रवार देर शाम से परिसर के आसपास पुलिस की आवाजाही बढ़ गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। शनिवार सुबह कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

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बजरंग दल के नेता ने की थी शिकायत, 24 मार्च 2025 को दाखिल हुई थी याचिका

मस्जिद को लेकर विवाद की शुरुआत शिकायत के बाद हुई। बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मस्जिद के संबंध में शिकायत की थी। इसके बाद 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पीपी एक्ट के तहत याचिका दाखिल की गई। 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को अवैध करार देते हुए 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष की ओर से 20 जुलाई 2026 को जिला जज सतेन्द्र कुमार की अदालत में याचिका दाखिल की गई। जिला जज की अदालत में मामले की 17 तारीखों पर सुनवाई हुई। इसके बाद दो सितंबर को जिला अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।

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सुबह चार बजे ध्वस्तीकरण शुरू, मस्जिद तोड़ने में लगे 6 बुलडोजर, 200 जवान

शनिवार सुबह करीब 4 बजे से सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को ढहाने की कार्रवाई शुरू हुई। मौके पर 6 बुलडोजर मस्जित तोड़ने में जुटे दिखे। मस्जिद के एक हिस्सा 11 बजे तक गिराया जा चुका था। इस एक्शन को लेकर लोगों में गुस्सा बना हुआ है, जिसे देखते हुए आरएएफ के साथ ही पुलिस और पीएसी के 200 जवान तैनात किए गए। यह मस्जिद सहरानपुर कलेक्ट्रेट में स्थित है। मस्जिद करीब 3000 स्क्वायर फीट में फैली है। मस्जिद परिसर के कमरों और डाकघर से किराया वसूले जाने का आरोप लगाया गया। डीएम ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। मजिस्ट्रेट की जांच में मस्जिद अवैध पाई गई।

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