MUZAFFARNAGAR-58 लाख की संदिग्ध नगदी सहित तीन युवक दबोचे

मुजफ्फरनगर। पुलिस टीम ने रूटीन चैकिंग के दौरान राजस्थान के तीन युवकों से दो बैग में मोटी रकम बरामद की है। पकड़ी गई रकम संदिग्ध बताई जा रही है, जो स्क्रैप के अवैध कारोबार में प्रयोग किये जाने की बात सामने आई है। इतनी बड़ी रकम बरामद होने के बाद पुलिस ने इनकम टैक्स विभाग को सूचना दी। विभाग की मेरठ यूनिट की टीम ने जिला मुख्यालय पहुंचकर तीनों आरोपी युवकों और उनके बरामद संदिग्ध धनराशि को अपने कब्जे में ले लिया। पहले तो टीम ने तीनों युवकों से थाने में पूछताछ की, फिर बरामद हुए 58 लाख रुपये ज्यादा की मोटी रकम को पुलिस की सुपुर्दगी में दाखिल कर तीनों आरोपियों को टीम अपने साथ मेरठ ले गयी है। इस पूछताछ में शहर के एक स्क्रैप कारोबारी का भी नाम सामने आया है, जो इन युवकों के साथ व्यापारी में शामिल बताया गया है। यह रकम स्क्रैप के अवैध कारोबार से जुटाई गई बताई गई, जिसको लेकर तीनों युवक ट्रेन से हरियाणा जाने की तैयारी में थे। युवकों का कहना है कि वो माल की सप्लाई के लिए पेमेंट लेकर जा रहे थे। हालांकि इनकम टैक्स की शुरूआती पूछताछ में बरामद धन संदिग्ध बताया गया है। जिसको लेकर कार्यवाही भी इनकम टैक्स विभाग की ओर से की जायेगी।

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शनिवार देर रात थाना सिविल लाइन पुलिस की टीम स्थानीय रेलवे स्टेशन पर भी रूटीन चैकिंग में व्यस्त थी। इसी बीच पुलिस को स्टेशन पर कुछ युवकों की गतिविधि को लेकर शक हुआ। युवकों के पास से कई बैग थे। इनकी तलाशी लेने पर दो बैग में मोटी रकम बरामद हुई। थाना सिविल लाइन प्रभारी इंस्पेक्टर उमेश रोरिया ने बताया कि बीती रात करीब आठ बजे थाना पुलिस को रेलवे स्टेशन पर चैकिंग के दौरान तीन युवक मिले। इनके पास कुछ बैग थे, तलाशी लेने पर दो बैग में मोटी रकम पाये जाने पर इनको थाने ले आया गया था। युवकों के पास से कुल 58.32 लाख रुपये की रकम बरामद हुई, पूछताछ में उन्होंने बताया कि वो यह रकम स्क्रैप के कारोबार से जुटाकर लाये हैं। उन्होंने बताया कि रकम बरामद होने पर तीनों युवकों को पूछताछ के लिए थाने पर लाया गया था। इन तीनों युवकों ने अपने नाम हिमांशु कुमार पुत्र काशीराम, वेरूदान पुत्र अशोक कुमार और कुलदीप पुत्र पवन बताये। ये वर्तमान में शहर के मौहल्ला गांधी कालोनी की गली नम्बर नौ में किराये के मकान पर रह रहे हैं। जबकि तीनों युवक मूल रूप से राजस्थान राज्य के रहने वाले हैं। युवकों ने पुलिस को बताया कि वो यहां पर स्क्रैप कारोबार मारूफ के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में तीनों युवक बरामद रकम के लिए कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाये थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि वो स्क्रैप लाकर बेचने का काम करते है और माल की सप्लाई के लिए वो यह रकम हरियाणा के यमुनानगर लेकर जा रहे थे।

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इंस्पेक्टर उमेश रोरिया ने बताया कि संदिग्ध रकम का मामला होने पर उनके द्वारा इनकम टैक्स विभाग का सूचना रात्रि में ही दे दी थी। सवेरे इनकम टैक्स मेरठ यूनिट के आयकर निरीक्षक जबर सिंह अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे। उन्होंने तीनों युवकों से बरामद रकम के बारे में पूछताछ की और फिर रकम को थाना पुलिस की सुपुर्दगी में देकर तीनों आरोपियों को अपने साथ मेरठ ले गये हैं। उन्होंने बताया कि इस सम्बंध में कार्यवाही इनकम टैक्स विभाग की मेरठ यूनिट के स्तर से ही की जा रही है। तीनों युवकों की पूछताछ में सामने आये स्क्रैप कारोबारी मारूफ के बारे में भी इनकम टैक्स विभाग की टीम को जानकारी उपलब्ध करा दी गयी है। 

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