पालिका पकड़ेगी उत्पाती बन्दर, बाद में आयेगा आवारा कुत्तों का नम्बर

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में एक बार फिर से चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने पूरे शहर के विकास की अपनी नीति को जाहिर करते हुए सबका साथ-सबका विकास की प्राथमिकता पर 55 वार्डों में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से 100 विकास कार्य कराने का प्रस्ताव सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पारित कराया। एजेंडे में शामिल कुल 58 में से 56 प्रस्ताव करीब 50 मिनट चली बोर्ड मीटिंग में सर्व सहमति से पारित हुए। पथ प्रकाश और जलकल विभाग के दो प्रस्ताव सभासदों के ऐतराज के कारण निरस्त कर दिये गये हैं। इनमें सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू कराने, 50 आउटसोर्स सफाई कर्मचारी बढ़ाने, कर्मचारियों के देयकों का भुगतान, 3 हजार स्ट्रीट लाइटों की खरीद, श्मशान घाट के लिए परोपकारी समिति को अधिकार देने के कार्य शामिल हैं। बोर्ड मीटिंग में पांच सभासद गैर हाजिर रहे। इस दौरान सभासद निर्माण, स्वास्थ्य, पथ प्रकाश एवं जलकल विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली से काफी नाराज दिखाई दिये।

पालिका सभागार में सोमवार को चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप की अध्यक्षता में उनके कार्यकाल की छठी बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। ईओ हेमराज सिंह ने वंदेमात्रम के बाद सदन के समक्ष एजेंडा प्रस्तुत किया। पालिका बोर्ड बैठक में जलकल विभाग के प्रस्तावों को लेकर सबसे ज्यादा शिकायत सभासदों की ओर से सदन में रखी गयी। इनमें सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, योगेश मित्तल, मौ. खालिद ने ऐतराज जताया। प्रस्ताव संख्या 196 में पेयजलापूर्ति के लिए आउटसोर्स पर कर्मचारी रखने के प्रस्ताव में आरोप लगाया कि 3 प्रतिशत बिलों पर जब टैण्डर आया तो विभाग ने निरस्त कर दिया और अब 7 प्रतिशत बिलो वाला टैंडर पारित कराने का प्रस्ताव लाया गया है। यह सदन को गुमराह करने का मामला है। सभासदों की शिकायत पर प्रस्ताव संख्या 196 निरस्त किया गया। सात दिन में दोबार टैण्डर निकालने पर सहमति बनी। इसके साथ ही पथ प्रकाश विभाग के प्रस्ताव संख्या 217 के तहत पालिका में विद्युत फीटिंग के लिए दो इलैक्ट्रिक पैनल काॅपर वायर सहित लगाने के प्रस्ताव का भी सभासदों ने विरोध किया। उनका कहना था कि पूरी बिल्डिंग की फीटिंग का प्रस्ताव पूर्व बैठक में पारित हुआ था और कार्य भी किया जा रहा है। तब यह उसमें क्यों शामिल नहीं किया गया। इसके विभागीय अधिकारियों व कर्मियों की लापरवाही बताते हुए सदन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव निरस्त करा दिया। सहमति बनी कि संशोधन के साथ अगली बैठक में यह प्रस्ताव लाया जायेगा।

शहर के 55 वार्डों में 124 निर्माण कार्यों में से शेष 50 में से 44 कार्यों की निविदा स्वीकृति का प्रस्ताव भी पारित हुआ। इसके साथ ही छह निर्माण कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित की गई हैं। वहीं नये सिरे से 55 वार्डों में 100 विकास कार्यों के लिए चेयरपर्सन ने प्रस्ताव पारित कराया। इसके लिए सीसी सड़क और आरसीसी नालियों के अलावा अन्य निर्माण कार्यों पर 12 करोड़ 93 लाख 77 हजार 500 रुपये का व्ययानुमान बनाया गया है। एक बार फिर सभी वार्डों में समान नीति के तहत काम देकर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने विपक्ष का भी दिल जीत लिया। वार्डों में काम मिलने पर विपक्ष भी खुश नजर आ रहा है। सफाई व्यवस्था को और सुधारने के लिए आउटसोर्स पर वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 50 सफाई कर्मचारी बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। वार्डों में समान अनुपात में सफाई कर्मचारी तैनात करने पर भी सहमति बनी।

पालिका के सभी विभागों के कर्मचारियों को 14.36 लाख रुपये महंगाई भत्ते के रूप में मिलेंगे तो वही 1.74 करोड़ रुपये के बजट से शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था सुधारने के लिए 03 हजार नई एलईडी लाइट खरीदी जायेंगी। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए दिल्ली की कंपनी को ठेका दिया है। बोर्ड ने इसे स्वीकृति प्रदान की। फरवरी से कंपनी काम शुरू करेगी। इसके लिए पालिका 14 महीनों में करीब 13 करोड़ रुपये का भुगतान कंपनी को करेगी। वहीं शहरी क्षेत्र में बन्दर पकड़ने के लिए ठेके को भी सदन ने हरी झंडी दे दी है। पालिका प्रशासन ने 195 बन्दरों को पकड़कर जंगल में छुडवाने के लिए तैयारी की है। प्रत्येक बन्दर के लिए 510 रुपये का भुगतान किया जायेगा। निर्माण विभाग के द्वारा प्रस्तावों में विकास कार्यों के टैण्डरों की स्वीकृति के लिए बिलो रेट का उल्लेख नहीं करने पर नाराजगी जताई। सभासद नौशाद खान ने कहा कि उनके वार्ड में स्वीकृत निर्माण कार्य 29 प्रतिशत बिलो पर है, ऐसे में ठेकेदार क्या गुणवत्ता दे पायेगा।

सदन की सहमति पर ज्यादा बिलो वाले कार्यों का भुगतान समिति से जांच कराने के उपरांत करने का प्रस्ताव पारित हुआ। जलकल विभाग में सेटिंग का खेल चलने, स्वास्थ्य विभाग में कूड़ा ढककर नहीं ले जाने, पथ प्रकाश में लापरवाही का आरोप लगाकर भी सभासदों ने ऐतराज जताया। अन्नू कुरैशी ने चेतावनी दी कि यदि कूड़ा वाहनों को ढककर ले जाने की व्यवस्था नहीं की गयी तो वो पालिका प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ जायेंगे। सभासद अब्दुल सत्तार ने आरोप लगाया कि अलाव के लिए 6.40 लाख की लकड़ी पालिका ने खरीदी लेकिन मीनाक्षी चैक, फक्करशाह चैक, कादिर राणा की कोठी के पास अलाव ही नहीं जलाये गये। बोर्ड मीटिंग में 55 में से 50 सभासद हाजिर रहे, जबकि सभासद अर्जुन कुमार, मिथलेश देवी, मुसीरा, अनुज कुमार और सतीश कुमार गैर हाजिर थे। एई निर्माण अखंड प्रताप, एई जलकल सुनील कुमार, जेई जलकल धर्मवीर सिंह, चीफ सेनेट्री इंस्पेक्टर योगेश कुमार, सफाई निरीक्षक प्लाक्षा मैनवाल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। 

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