को-ऑपरेटिव विभाग का कारनामा, जिंदा किसान को कर दिया मृत घोषित

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर की तहसील सदर के ग्राम सिसौना में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गांव के निवासी एक किसान को को-ऑपरेटिव विभाग ने अपने रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया है,कृजबकि ये मृत किसान आज भी पूर्णतः स्वस्थ और जीवित हैं। विभागीय गलती के चलते उनकी जमीन और सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्य रुक गए हैं, जिससे परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस लापरवाही से न सिर्फ़ किसान की पहचान पर संकट आ गया है, बल्कि उनकी सरकारी योजनाओं और संपत्ति से जुड़ी कई सुविधाएं भी ठप हो गई हैं। इस मामले में भारतीय किसान यूनियन तोमर ने आवाज उठाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच करते हुए दोषी अधिकारी व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।

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इस मामले को लेकर एक प्रार्थना पत्र भाकियू तोमर के युवा प्रदेश अध्यक्ष पश्चिम चौधरी अंकित गुर्जर के नेतृत्व में तहसील सदर पहुंचकर एसडीएम सदर निकिता शर्मा को सौंपा गया। अंकित ने बताया कि जनपद मुजफ्फरनगर के ग्राम सिसौना निवासी सोबरन सिंह पुत्र बीसंबर सिंह को को-ऑपरेटिव विभाग द्वारा कागज़ों में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वे आज भी पूर्ण रूप से जीवित हैं और अपने गांव में निवास कर रहे हैं। इस गंभीर लापरवाही के खिलाफ गांव में रोष का माहौल है। किसान संगठन ने प्रार्थना पत्र में मांग की गई कि इस गंभीर प्रशासनिक चूक की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाए और सोबरन सिंह का नाम सरकारी रिकॉर्ड में जीवित दर्शाया जाए, ताकि उन्हें अपने वैधानिक अधिकारों और योजनाओं का लाभ मिल सके। एसडीएम निकिता शर्मा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और शीघ्र ही उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। चौधरी अंकित गुर्जर ने कहा कि यदि इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो भारतीय किसान यूनियन तोमर चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

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