पाकिस्तानी वीडियो प्रकरण-साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश में तीन और गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर। थाना ककरौली पुलिस ने साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की गहरी साजिश का खुलासा करते हुए पाकिस्तान में हुए एक कत्लेआम की वीडियो को वायरल कर तनाव पैदा करने वाले प्रकरण में शुक्रवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया पर वायरल की गई इस पाकिस्तानी वीडियो को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से जोड़कर अफवाह फैला रहे थे, जिसमें महिलाओं और बच्चों की रक्तरंजित लाशें दिखाई गई थीं। इस वीडियो के साथ एक भड़काऊ ऑडियो क्लिप भी प्रसारित की जा रही थी, जिसमें बजरंग दल पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा करने के झूठे आरोप लगाए गए थे। इस प्रकरण में अब तक पुलिस 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

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एसएसपी संजय वर्मा ने इस सम्बंध में शुक्रवार को मीडिया से जानकारी साझा की। इस दौरान एसपी देहात आदित्य बंसल और सीओ बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह भी मौजूद रहे। एसएसपी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान ककरौली पुलिस की सतत सोशल मीडिया निगरानी के दौरान यह मामला सामने आया। थाना ककरौली पुलिस को सूचना मिली थी कि “ककरौली युवा एकता व्हाट्सएप ग्रुप” सहित कई ग्रुपों में भ्रामक और भड़काऊ वीडियो-ऑडियो सामग्री साझा की जा रही है, जिसमें देश में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की अपील की गई थी। इस साजिश से जुड़े मामले का खुलासा डीआईजी अभिषेक सिंह व एसएसपी संजय वर्मा ने 21 जुलाई को किया था। इस दिन ककरौली पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया था। वहीं 23 जुलाई को भी चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इन पर आरोप है कि इन लोगों ने भी उस वीडियो को सोशल मीडिया व्हाटसएप गु्रपों पर आगे शेयर करते हुए भ्रम फैलाया।

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एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि इसी प्रकरण में थाना ककरौली पुलिस ने शुक्रवार 25 जुलाई को तीन और आरोपियों नवाब राणा पुत्र नफीस, निवासी चतेला, थाना तितावी, अयूब पुत्र यासीन निवासी पथौली, थाना सरूरपुर, मेरठ और सलीम पुत्र अल्लाहबंदा निवासी छपरौली चुंगी, किदवई नगर, बड़ौत को गिरफ्तार किया गया। इनसे तीन मोबाइल फोन भी बरामद किये गये है। थानाध्यक्ष ककरौली जोगेन्द्र सिंह राणा के नेतृत्व में इनको अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। आरोपी नवाब राणा को नावला कट, अयूब को मेरठ की ईदगाह कॉलोनी से, जबकि सलीम को मुजफ्फरनगर रोडवेज बस स्टैंड से दबोचा गया। ये सभी आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप “भाई-चारा ग्रुप”, “वार्ड मेंबर न्यूज ग्रुप”, “लाइफ ब्यूटीफुल” और “मलिक ग्रुप” में यह भ्रामक वीडियो फैला रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना ककरौली पर विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। साथ ही वीडियो प्रसारित करने में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।

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