डीएम मुजफ्फरनगर को अब जल्द मिलेगा अपना दफ्तर

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी का अपना कार्यालय नहीं होने के कारण उनको उधार का दफ्तर चलाना पड़ रहा है, लेकिन अब जल्द ही उनको अपना दफ्तर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रदेश शासन ने जिला मुख्यालय पर नया जिलाधिकारी कार्यालय बनवाने के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित करते हुए विभाग को बजट की धनराशि उपलब्ध करा दी गई है, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है।

जिलाधिकारी कार्यालय के अंग्रेजी शासनकाल के इतिहास को अपने आप में समेट कर रखने वाले कार्यालय को जमींदोज हुए करीब 20 माह का समय पूर्ण हो चुका है। इस बीच यहां पर नया डीएम दफ्तर बनने और न बनने को लेकर कई पड़ाव आये, लेकिन आखिरकार शासन ने यहां नया डीएम दफ्तर निर्मित कराने के लिए सवा दो करोड़ रुपये की धनराशि कार्यदायी संस्था को जारी कर दी है।

बता दें कि जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट करीब दो सौ साल पुराना इतिहास समेटे हुए हैं। यहां पर अंग्रेजी शासनकाल में ही कलेक्टर कार्यालय बन गया था। वो ही यहां पर चल रहा था कि 27 अगस्त 2023 को जिलाधिकारी कार्यालय के बराबर में बने विश्राम गृह की छत अचानक ही भरभरा कर गिर पड़ी थी। इसके बाद से ही डीएम और इसके बराबर में चलाये जाने वाले एडीएम वित्त के कार्यालय को बंद कर दिया गया था। भवन की स्थिति को लेकर तकनीक विशेषज्ञ से जांच कराई गई तो इसको जर्जर बताये जाने के बाद पूरा भवन ही 26 अक्टूबर 2023 को ध्वस्त करा दिया गया था। इसके बाद ही जिलाधिकारी और एडीएम वित्त एवं राजस्व अस्थाई कार्यालयों में ही कार्य कर रहे हैं। डीएम कार्यालय जहां जिला पंचायत के सभागार में चलाया जा रहा है तो वहीं एडीएम एनआईसी कार्यालय में बैठकर कामकाज कर रहे हैं।

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पूराना भवन ध्वस्त करने के बाद नये भवन के निर्माण के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रभारी अधिकारी नजारत सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने कार्यवाही को प्रारम्भ कराया गया था। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कलेक्ट्रेट में नया डीएम कार्यालय बनवाये जाने क लिए स्टीमेट बनवाया गया। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण करने के बाद दो मंजिला भवन निर्मित कराने के लिए 2.60 करोड़ रुपये का स्टीमेट तैयार किया था। स्टीमेट आने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी नजारत की रिपोर्ट को शासन को भेजकर बजट की मांग की थी, लेकिन इसी बीच कलेक्ट्रेट मुख्यालय से स्थानांतरित करने का प्लान भी बनाया गया तो यह प्रस्ताव रोक दिया गया था। इसके बाद नई कलेक्ट्रेट बनाने के लिए भूमि की तलाश की गई तो छपार के पास इसको खोज लिया गया और शासन को प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन इस भी आपत्तियों के बाद रोक दिया गया।

अब शासन के द्वारा मुख्यालय पर ही कलेक्ट्रेट में पूराने स्थान पर ही नया जिलाधिकारी कार्यालय बनवाने के लिए बजट मंजूर कर धनराशि जारी कर दी है। प्रभारी अधिकारी नजारत सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के स्टीमेट के आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजकर बजट की राशि जारी करने के लिए कहा गया था। 29 मार्च 2025 को उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग के सचिव द्वारा यह बजट स्वीकृत करते हुए धनराशि जारी कर दी गई है। शासन ने नया जिलाधिकारी कार्यालय बनवाने के लिए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खण्ड को कार्यदायी संस्था नामित किया है और स्वीकृत बजट के अनुसार 2 करोड़ 24 लाख 57 हजार रुपये की राशि भी विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि कलेक्ट्रेट में नया डीएम कार्यालय का निर्माण करने के लिए शासन से विभाग को बजट जारी हो चुका है। अब जल्द ही इसका निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि अभी तक की स्वीकृति के अनुसार पुराने स्थान पर ही दो मंजिला भवन निर्मित कराया जायेगा। नक्शे के अनुसार भू-तल पर डीएम कार्यालय के साथ ही आगन्तुक कक्ष और स्टाफ रूम के साथ ही शौचालय, विश्राम कक्ष और रसोई का निर्माण किया जायेगा। इसके ऊपर भवन के प्रथम तल पर एडीएम वित्त के लिए इसी तर्ज पर कार्यालय का निर्माण किया जायेगा। 

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