शहर के 18 वार्डों में दूर होगी बदहाली, पालिका ने शासन से मांगा विशेष बजट

मुजफ्फरनगर। शहर के नवविस्तारित क्षेत्र में बुनियादी विकास का दायर बढ़ाये जाने के लिए मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना में नगरपालिका परिषद् की ओर से 42 करोड़ रुपये का विशेष बजट मांगा गया है। इसके लिए पालिका ने पूरे क्षेत्र का भ्रमण करते हुए आवश्यकता को देखकर स्टीमेट तैयार करने के बाद प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। यह पैसा जारी हुआ तो शहरी क्षेत्र में विकास की चकाचौंध नजर आयेगी और बदहाल दिखाई देने वाले नव विस्तारित क्षेत्र में लोगों को राहत मिलेगी।

नगरपालिका परिषद् मुजफ्फरनगर में 2023 में सीमा विस्तार के बाद शामिल हुए 15 गांवों के नवविस्तारित क्षेत्र वाले 18 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने के लिए शासन को सड़क, नाली और नाला निर्माण कार्यों के लिए पालिका प्रशासन ने स्टीमेट बनाकर प्रस्ताव भेज दिये हैं। इसके लिए शासन ने पूर्व में नगरीय निकायों से आगामी योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए नवविस्तारित क्षेत्र के विकास के लिए प्रस्ताव मांगे थे।

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नगरपालिका परिषद् के अन्तर्गत सीमा विस्तार के बाद 55 वार्ड शामिल हैं, इनमें से 18 वार्ड ऐसे हैं, जो नवविस्तारित क्षेत्र वाले हैं और वहां पर बुनियादी सुविधा विकसित करने के लिए पालिका प्रशासन अपने संसाधनों से भरपूर प्रयासों में जुटा है। सीमा विस्तार के साथ ही प्रदेश में नवविस्तारित नगरीय क्षेत्रों के चहुमुंखी विकास के लिए मुख्मयंत्री नगर सृजन योजना शुरू की गई थी, इसमें निकायों को शामिल हुए नये क्षेत्र में पथ प्रकाश, सड़क, जल निकासी, सफाई, पेयजलापूर्ति आदि बुनियादी सुविधा विकसित करने के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में विशेष बजट जारी किया जा रहा है। इसमें अब प्रदेश के नगर विकास विभाग ने गेप एनालिसिस के लिए निकायों से प्रस्ताव मांगे हैं।

पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि शासन द्वारा किए जा रहे इस गेप एनालिसिस का उद्देश्य उन क्षेत्रों की पहचान करना है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। शहर के ऐसे नवविस्तारित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए पूर्व में नवविस्तारित क्षेत्र का सर्वे कराकर करीब 78 करोड़ रुपये का स्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया था, लेकिन इसको शासन द्वारा निरस्त कर नये दिशा निर्देश जारी किये हैं। शासन ने यह निर्देश दिया है कि प्रस्ताव कल्पना के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक स्थिति के अनुरूप तैयार किए जाएं और उनमें किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति न हो। शासन इस विश्लेषण के आधार पर 2025-26 की योजनाओं के लिए बजट आवंटन करेगा।

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इसी क्रम में निर्माण विभाग के दोनों अवर अभियंताओं कपिल कुमार और राजीव सोनकर ने नवविस्तारित क्षेत्र वाले 18 वार्डों में सड़क, नाली और नाला निर्माण के लिए नया सर्वे कराकर स्टीमेट बनाकर नगर सृजन योजना के लिए शासन को भेजा गया है। कुल 42 करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई है। जिसमें 34 करोड़ सीसी सड़क और नाली निर्माण के लिए तथा 8 करोड़ रुपये नाला निर्माण कार्य के लिए मांगा गया है। ईओ ने बताया कि पालिका को नगर सृजन योजना में दो वित्तीय वर्ष में करीब 9 करोड़ रुपये का बजट मिला है, जिसमें नवविस्तारित क्षेत्रों में ओपन जिम और अन्य विकास कार्य कराये जा चुके हैं, कुछ कार्य पथ प्रकाश के लिए होने शेष हैं। ईओ ने बताया कि शहर के नवविस्तारित क्षेत्र वाले वार्डों में वार्ड संख्या 01, 02, 03, 04, 05, 08, 15, 17, 19, 21, 22, 28, 29, 30, 31, 35, 38 और 44 आदि शामिल हैं। 

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