रैन बसेरे में अवैध वसूली पर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने मांगी रिपोर्ट

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप जनहितों के प्रति पालिका प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए लगातार फील्ड में उतर रही हैं। बीती रात उनके द्वारा शहर में सर्दी के प्रकोप को देखते हुए पालिका द्वारा की गई अलाव व्यवस्था और रैन बसेरों का निरीक्षण किया तथा जरूरतमंद लोगों को आश्रय स्थल तक भिजवाने का कार्य किया। इस दौरान एसडीएम सदर भी निरीक्षण पर पहुंची। उनके समक्ष रैन बसेरे में अवैध वसूली की शिकायत को लेकर भी पालिकाध्यक्ष ने गंभीर रूख अख्तियार करते हुए नोडल अधिकारी से रिपोर्ट तलब करते हुए मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

नगरपालिका परिषद् के द्वारा सर्दी के प्रकोप से बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को बचाने के लिए शहर में तीन रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है। इनमें एक स्थाई और दो अस्थाई हैं। यहां पर व्यवस्था बनाने और देखरेख तथा सड़कों पर सोते हुए लोगों को आश्रय स्थल भिजवाने के लिए पालिका प्रशासन द्वारा करीब एक दर्जन टीमों का गठन किया गया है। इसी व्यवस्था को परखने के लिए बीती देर रात पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप पालिका सभासदों के साथ औचक निरीक्षण पर निकली। उनके द्वारा रेलवे स्टेशन पर स्थित पालिका के स्थाई रैन बसेरे का निरीक्षण किया गया तो वहां पर साफ सफाई का अभाव मिलने के साथ ही बिस्तर भी गंदे पाये गये। इसी बीच यहां पर निरीक्षण के लिए एसडीएम सदर निकिता शर्मा भी पहुंची थी। यहां से पालिकाध्यक्ष उनके साथ अस्थाई रैन बसेरों का जायजा लेने के लिए भी पहुंची।

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पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि उनको जानकारी मिली है कि एसडीएम सदर के निरीक्षण के दौरान रैन बसेरे में आश्रय पाने वाले कुछ लोगों ने शिकायत की है कि रात्रि में ठहरने के लिए उनसे वहां पर अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने इसका गंभीर संज्ञान लिया है। इस मामले में रैन बसेरे की व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी नामित किये गये कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार से मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही मामले में ईओ से जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि पालिका के द्वारा एनजीओ आदर्श सेवा समिति को स्थाई रैन बसेरे का संचालन कराने के लिए अनुबंध किया गया है। इसके लिए निर्धारित भुगतान भी एनजीओ को किया गया है। यदि एनजीओ के कर्मचारी वहां पर अवैध वसूली कर रहे हैं तो यह आचरण बेहद निंदनीय है। इस सम्बंध में एनजीओ प्रबंधक योगेन्द्र शर्मा से भी जवाब मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि रैन बसेरे में शौचालय व अन्य मरम्मत का कार्य तथा रंग-रोगन के साथ ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद फिर से वो निरीक्षण करेंगी।

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उनका कहना है कि पिछले साल ही रैन बसेरे में कम्बल और बिस्तर पालिका स्तर से उपलब्ध कराये गये थे, लेकिन निरीक्षण में बिस्तर और कम्बल फटे तथा बदहाल पाये गये। वो वहां पर बिस्तरों का प्रबंध करा रही है, लेकिन एनजीओ से पूर्व में मिले नये बिस्तरों के सम्बंध में भी हम जवाब ले रहे हैं। व्यवस्था बनाने में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। पालिका की जो टीम लगी हैं, उनके अफसरों व कर्मियों को भी जवाबदेही तय करनी होगी। मंगलवार को सवेरे उनके द्वारा कम्पनी बाग पहंुचकर वहां पर साफ सफाई और अन्य कार्यों का जायजा भी लिया गया। पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि जनहितों के प्रति पालिका को संवेदनशील बनाने के लिए वो औचक निरीक्षण का कार्य लगातार जारी रखेंगी। स्वच्छता उनकी पहली प्राथमिकता में शामिल है। निरीक्षण के दौरान सभासद मनोज वर्मा, राजीव शर्मा, प्रशांत गौतम, नवनीत गुप्ता के साथ ही पालिका के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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