नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: ITI संचालकों पर कार्रवाई होगी अगर वसूली की गई अधिक शुल्क

पटना। बिहार सरकार ने यह निर्णय लिया है कि राज्य के सरकारी और गैर-सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में छात्र-छात्राओं से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। श्रम संसाधन विभाग ने सभी जिलों के श्रमाधीक्षकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। यह कदम छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर उठाया गया है। विभाग ने परीक्षा और पंजीकरण शुल्क की स्पष्ट दरें निर्धारित कर दी हैं।

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नेशनल काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) से मान्यता प्राप्त संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को पंजीकरण शुल्क के लिए कोई राशि नहीं देनी होगी। वहीं, स्टेट काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) से मान्यता प्राप्त सरकारी आईटीआई में सामान्य श्रेणी के छात्रों को पंजीकरण शुल्क के रूप में 100 रुपये और अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के लिए यह राशि मात्र 50 रुपये होगी। राज्य में कुल 151 सरकारी आईटीआई हैं, जिनमें 113 सामान्य और 38 महिला आईटीआई शामिल हैं, इसके अलावा 1227 निजी आईटीआई भी हैं।

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