इंजीनियर को डिजीटल अरेस्ट कर 33 लाख की ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार

साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, अभियुक्तों के पास से सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और नकद रुपये बरामद

मुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़ी सफलता प्राप्त की है, जब उन्होंने जालसाजी के एक बड़े मामले में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने खुद को विभिन्न सरकारी और न्यायिक अधिकारियों के रूप में प्रस्तुत कर एक व्यक्ति से 33.33 लाख रुपये की ठगी की थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अभियुक्तों से भारी मात्रा में सिम कार्ड, एटीएम/डेबिट कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री बरामद की है। इस ऑपरेशन की सफलता थाना साइबर क्राइम के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई का परिणाम है, जिन्होंने इस अपराधी गिरोह को पकड़ा।
एसएसपी संजय वर्मा ने गुरूवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि दिनांक 11 सितंबर 2025 को थाना साइबर क्राइम में एक शिकायत दर्ज की गई, जिसमें वादी ने बताया कि उनके फोन पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाला व्यक्ति ने खुद को ट्राई/ईडी का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके द्वारा कैनरा बैंक में खाता खुलवाया गया है, जिसमें अवैध लेन-देन की जानकारी प्राप्त हुई है। इसके बाद वादी को एक व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने दरियागंज, दिल्ली पुलिस थाना का अधिकारी बताकर उन्हें और भी डरा धमकाया। बाद में एक और व्यक्ति ने खुद को माननीय न्यायालय का न्यायाधीश बताते हुए वादी को डराया और 33,33,000 रुपये की ठगी की।

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एसएसपी ने बताया कि घटना के संबंध में तहरीर मिलने के बाद थाना साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में एफआईआर पंजीकृत की। पुलिस द्वारा गठित एक टीम ने मामले की जांच शुरू की और अंततः 18 सितंबर 2025 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी थाना साइबर क्राइम के इलाके में पुरकाजी बाइपास से भैंसानी मार्ग पर मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए। गिरफ्तार अभियुक्तों में निखिल गोयल (उम्र 32 वर्ष), निवासी आनन्द विहार, गंगानगर )षिकेश, उत्तराखंड और हरप्रीत सिंह उर्फ हर्ष (उम्र 24 वर्ष), निवासी पावर हाउस चौक डोकरी घाटपारा जद्दलपुर, छत्तीसगढ़ शामिल हैं। इनका एक साथी राजू निवासी भिलाई छत्तीसगढ़ फरार है। गिरफ्तार आरोपियों से 39 सिम कार्ड, 21 एटीएम/डेबिट कार्ड, 15 बैंक पासबुक, 13 मोबाइल फोन, 3 चेकबुक, 2 नोटबुक, 1 वाईफाई राउटर, 1 स्कूटी और 99,500 रुपये की नकद राशि बरामद की गई है।
शातिर ठग हैं आरोपी, अब तक की 46.55 करोड़ की ठगी
एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किये गये युवक शातिर ठग हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके साथी राजू ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और अन्य राज्यों में साइबर ठगी के लिए बैंक खातों, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और अन्य बैंक दस्तावेज जुटाए थे। राजू विदेश में बैठे साइबर अपराधियों के साथ मिलकर इन दस्तावेजों का उपयोग करके ठगी करता था। गिरफ्तार आरोपी निखिल और हरप्रीत इन दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए अवैध रूप से पैसे निकालते थे और बाद में उन्हें विदेश में भेज देते थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अभी तक 46 करोड़ 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी के लिए लगभग 44 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से ठगी के कई मामले बैंक खातों के माध्यम से हुए थे, जिनकी धोखाधड़ी विभिन्न राज्यों में हुई थी। अभी तक अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है, पुलिस द्वारा और भी शिकायतों की जांच की जा रही है और फरार आरोपी राजू की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। इन शातिरों को गिरफ्तार करने वाली टीम में साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक सुल्तान सिंह और उनकी टीम के कार्य की एसएसपी ने प्रशंसा की।

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