सेवा, स्वच्छता और सत्कार से सजी कांवड़ यात्रा में पालिका प्रशासन के साथ मिलकर जीबन उपाध्याय ने पेश की मिसाल
मुजफ्फरनगर। सावन माह की पावन कांवड़ यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव और विश्राम की ओर बढ़ रही है। गंगाजल लेकर भगवान शिव के धामों की ओर बढ़ रहे शिवभक्त कांवड़ियों के स्वागत, सेवा और सत्कार में मुजफ्फरनगर की धरती पर इस बार आस्था के साथ सामाजिक सरोकार और मानव सेवा का भी अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और आम नागरिकों ने कांवड़ियों की सेवा में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। इसी कड़ी में नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर की ओर से शुरू किया गया कांवड़ सेवा शिविर शिव भक्तों की सेवा और स्वच्छता के संकल्प का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की पहल पर पालिका प्रशासन ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था संभाल रही निजी क्षेत्र की कंपनी जेएस एनवायरो सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से पहली बार बड़े स्तर पर कांवड़ सेवा शिविर का आयोजन किया। शिविर में शिवभक्त कांवड़ियों के लिए चाय-नाश्ता, दोनों समय भोजन, चिकित्सा सुविधा, विश्राम सहित आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था की गई। शिविर में पालिका प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जेएस एनवायरो की टीम ने पूरे सेवाभाव के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई।
जेएस एनवायरो सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का नगरपालिका के साथ मुख्य कार्यक्षेत्र डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और कूड़ा डलावघरों से कूड़ा उठान का है। इसके बावजूद कंपनी ने कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे समाज और शिवभक्तों की सेवा का अवसर मानते हुए अपनी सकारात्मक भूमिका का निर्वहन भी किया। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर जीबन कुमार उपाध्याय स्वयं कांवड़ सेवा शिविर पहुंचे और शिवभक्तों की सेवा में सक्रिय रूप से जुटे नजर आए। उन्होंने कहा कि नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कंपनी को स्वच्छता और शहर की सुंदरता के साथ सेवा के इस बड़े अभियान से जुड़ने का अवसर दिया, यह उनके लिए गौरव की बात है।
एमडी जीबन कुमार उपाध्याय ने कहा कि मुजफ्फरनगर की धरती से होकर गुजरने वाला हर शिवभक्त हमारे लिए अतिथि ही नहीं, बल्कि भगवान शिव का स्वरूप है। ऐसे में उसकी सेवा करना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कारों का हिस्सा है। पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने स्वच्छता को शिव भक्तों की सेवा से जोड़कर जिस सोच के साथ कांवड़ यात्रा में व्यवस्थाएं खड़ी की हैं, वह सराहनीय है। नगरपालिका प्रशासन ने जिस तरह शहर की व्यवस्थाओं को संभाला और हमें इस सेवा कार्य में सहभागी बनाया, उसके लिए पूरी टीम आभार की पात्र है। हमारा प्रयास है कि कांवड़ियों को यहां से सेवा, सम्मान और स्वच्छताकृतीनों का अनुभव मिले।
कूड़ा डलावघरों को बनाया सेल्फी प्वाइंट, बदली शहर की तस्वीर
शहर की स्वच्छता व्यवस्था में भी जेएस एनवायरो ने नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के मार्गदर्शन में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। शहर के कई बड़े कूड़ा डलावघरों को बंद कराकर वहां स्वच्छता और सौंदर्यीकरण की दिशा में कार्य किया गया। जिन स्थानों पर पहले कूड़े के ढेर नजर आते थे, उन्हें आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और सौंदर्यीकरण के माध्यम से मनोरंजन एवं आकर्षण के स्थलों में बदलने का प्रयास किया गया।

कांवड़ यात्रा के दौरान यही स्वच्छता अभियान और अधिक व्यापक रूप में दिखाई दिया। कांवड़ मार्ग, शिव चौक और प्रमुख सेवा शिविरों के आसपास विशेष स्वच्छता टीमों की तैनाती की गई। दिन-रात सफाई व्यवस्था के साथ शिविरों से निकलने वाले कूड़े का नियमित उठान सुनिश्चित किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
कांवड़ यात्रा को बताया-सेवा और स्वच्छता की परीक्षा, जीरो वेस्ट इवेंट
जेएस एनवायरो के प्रोजेक्ट हेड नीतेश चौधरी ने कहा कि कांवड़ यात्रा हमारे लिए केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और स्वच्छता की परीक्षा भी है। पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप तथा कंपनी की निदेशक देबासमिता उपाध्याय और प्रबंध निदेशक जीबन कुमार उपाध्याय के मार्गदर्शन में पूरी टीम दिन-रात इस संकल्प के साथ काम कर रही है कि शिवभक्तों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि इस बार पालिका प्रशासन के साथ मिलकर कांवड़ सेवा शिविर संचालित किया जा रहा है।

शिविर के संचालन में नगरपालिका के सभासद विकल्प जैन, मनोज वर्मा, देवेश कौशिक, राहुल पंवार, प्रशांत गौतम और योगेश मित्तल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का भी योगदान रहा। पालिका के अधिशासी अधिकारी पवन कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनु चौधरी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी व्यवस्थाओं की निगरानी में जुटे हुए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर में जिस तरह धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता और सेवा को जोड़ा गया, उसने शहर की अलग तस्वीर पेश की। पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की पहल पर आयोजित यह शिविर इस संदेश का माध्यम बना कि धार्मिक आयोजन केवल आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी और स्वच्छता के प्रति जागरूकता को भी मजबूत किया जा सकता है।
