भाकियू अराजनैतिक के आंदोलन की बड़ी जीत-मुजफ्फरनगर में बाहरी कूड़े के परिवहन पर रोक

डीएम उमेश मिश्रा ने किया उच्च स्तरीय कमेटी का गठन, हर सप्ताह देनी होगी रिपोर्ट, प्रदूषण के खिलाफ एक्शन का दिखा असर, शहर का एक्यूआई 400 से गिरकर 174 पर पहुँचा

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रदूषण विरोधी आंदोलन को जनपद में बड़ी सफलता मिली है। संगठन के भारी विरोध और दबाव के चलते जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कड़ी कार्यवाही करते हुए बाहरी जनपदों से आने वाले नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (कूड़े) के उपयोग और परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रशासन ने इस मामले की जांच और निगरानी के लिए एक विशेष कमेटी का भी गठन किया है।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने इस सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक इकाइयों में कूड़ा जलाने पर लगी रोक और बाहरी कचरे की एंट्री बंद होने से शहर की आबोहवा में क्रांतिकारी बदलाव आया है। कुछ समय पहले तक जो एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 के पार पहुँच गया था, वह अब सुधरकर 174 पर आ गया है। मलिक ने कहा कि यह उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो दावा कर रहे थे कि कूड़े से प्रदूषण नहीं होता। उन्होंने कहा कि जनता अब जागरूक हो चुकी है और अवैध रूप से कूड़ा ला रहे ट्रकों को पकड़कर उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रही है, यही आंदोलन की असली जीत है।

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आंदोलन के बीच भाकियू अराजनैतिक के युवा मंडल प्रभारी कुशलवीर ठाकुर ने पेपर मिल एसोसिएशन के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें धरने के जरिए सप्लाई के ठेके मांगने के आरोप लगाए गए थे। ठाकुर ने दो टूक कहा कि पेपर मिल एसोसिएशन उन लोगों के नाम सार्वजनिक करे जो ठेके मांग रहे हैं, अन्यथा पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। कुशलवीर ठाकुर ने प्रबुद्ध नागरिकों से इस स्थिति का संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा कि यह मुजफ्फरनगर का दुर्भाग्य है कि यहाँ ऐसे लोगों को नेतृत्व सौंपा जाता है जो व्यापार के नाम पर श्मौतश् बांट रहे हैं। उन्होंने प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही का स्वागत करते हुए इसे जनहित में उठाया गया बड़ा कदम बताया।

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