रोड साइड एनीमल की खातिर मुजफ्फरनगर में शैल्टर बनाएगा अर्जुन फाउंडेशन

फाउंडेशन ने इस जनहितकारी कार्य के लिए जिला प्रशासन, नगर पालिका और आम जनता से सहयोग की अपील की है। संस्था का कहना है कि यदि प्रशासन भूमि और बुनियादी सुविधाओं में सहयोग करे

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में सड़कों पर भटक रहे बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या और उनकी सुरक्षा को लेकर अर्जुन फाउंडेशन ने एक सराहनीय पहल की है। फाउंडेशन ने रोड साइड एनीमल, विशेष रूप से स्ट्रीट डॉग के लिए सुरक्षित शैल्टर (आश्रय स्थल) बनाने की घोषणा की है। इस परियोजना के माध्यम से घायल, बीमार और असहाय पशुओं को उपचार, भोजन और सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए एनजीओ अर्जुन फाउंडेशन ने पशु प्रेमियों, समाजसेवियों के साथ साथ प्रशासन और पब्लिक से आर्थिक, सामाजिक और सरकारी सहयोग के लिए आगे आने की अपील की है।
अर्जुन फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. संदीप अरोरा ने एनजीओ के अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ रविवार को गांधी कालोनी लिंक रोड पर एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता के दौरान बताया कि शहर और ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में बेसहारा कुत्ते, गाय, बन्दर और अन्य पशु सड़कों पर दुर्घटनाओं, मौसम की मार और बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। कई बार भूख-प्यास के कारण उनकी हालत और भी दयनीय हो जाती है। इन जानवरों को जीवन की सुरक्षा देने के लिए हमारा एनजीओ लगातार चार वर्षों से सामाजिक तालमेल बनाते हुए पशु और मानव के बीच एक प्रेम का रिश्ता जोड़ने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में फाउंडेशन ने अब जनपद में एक रोड साइड एनीमल शैल्टर निर्माण का निर्णय लिया और सरकार की एनीमल बर्थ कंट्रोल गाइड लाइन 2023 के अनुसार ही इस एबीसी सेंटर का निर्माण कराने का प्रयास शुरू किया गया। इससे न केवल पशुओं को राहत मिलेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
फाउंडेशन के अनुसार प्रस्तावित शैल्टर में पशुओं के लिए प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, भोजन-पानी की व्यवस्था के साथ-साथ ठंड और गर्मी से बचाव और बर्थ कंट्रोल के लिए नसबंदी के लिए उचित प्रबंध किए जाएंगे। गंभीर रूप से घायल पशुओं के इलाज के लिए पशु चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएंगी। इसके अलावा, स्वस्थ होने के बाद कुछ पशुओं को गोद दिलाने (एडॉप्शन) की व्यवस्था भी की जाएगी। अर्जुन फाउंडेशन ने इस जनहितकारी कार्य के लिए जिला प्रशासन, नगर पालिका और आम जनता से सहयोग की अपील की है। संस्था का कहना है कि यदि प्रशासन भूमि और बुनियादी सुविधाओं में सहयोग करे तथा नागरिक दान और स्वयंसेवा के माध्यम से आगे आएं, तो यह परियोजना जल्द साकार रूप ले सकती है।
डॉ. संदीप ने बताया कि फाउंडेशन अभी तक सामाजिक सहयोग और अपने व्यक्तिगत आर्थिक फंड से ही रोड साइड एनीमल के जीवन को बचाने का काम कर रही है। नोएडा, मेरठ और बिजनौर के एबीसी सेंटर में 100 से ज्यारा स्ट्रीट डॉग्स को भेजकर उनकी नसबंदी कराई। शहर में हमारी टीम के लोग इनको भोजन की व्यवस्था प्रतिदिन करा रहे है। इसके लिए टीम को विरोध का भी सामना करना पड़ता है। मुनीम कालोनी में एक मकान किराये पर रहकर एनजीओ ने एक अस्थाई शैल्टर बनाया हुआ है। डॉ. संदीप ने कि यदि शैल्टर बनाने में हम सफल हुए तो यह कदम न केवल मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करेगा, बल्कि मानव और पशुओं के बीच एक संवेदनशील रिश्ता कायम होगा। कहा कि बेसहारा पशुओं की सेवा केवल संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आगे आकर इस मुहिम का हिस्सा बनें और मूक प्राणियों के जीवन को सुरक्षित व सम्मानजनक बनाने में योगदान दें। इस दौरान अर्जुन फाउंडेशन के सचिव मोहित त्यागी, कोषाध्यक्ष सावन महेन्द्रा, सारिका गोयल, अनाया और आकांक्षा आदि भी मौजूद रहे।

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