नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

यूपी 47 हजार कर्मचारियों की सैलरी रुकी, होली से पहले झटका
यूपी 47 हजार कर्मचारियों की सैलरी रुकी होने से इस बार होली पर हजारों राज्यकर्मियों की परेशानी बढ़ गई है। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 10 मार्च तक संपत्ति का ब्योरा देने के बाद ही जनवरी और फरवरी का वेतन जारी किया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। 10 मार्च तक संपत्ति विवरण अनिवार्य योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सभी राज्यकर्मियों को अपनी चल और अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया था। तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी करीब 47 हजार कर्मचारियों ने अपनी





