नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल को बदले रहेंगे कई रास्ते, ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया डायवर्जन प्लान
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर 13 अप्रैल 2026 को मुजफ्फरनगर में कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा। जारी ट्रैफिक नोटिस के अनुसार शहर में अलग-अलग दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था बनी रहे। नोटिस में खास तौर पर जानसठ रोड, भोपा रोड, सहारनपुर रोड, जिला अस्पताल और शामली स्टैंड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग बताए गए हैं। कुछ जगहों पर प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों के लिए अलग रूट भी निर्धारित किया गया है। जानसठ रोड और भोपा रोड से जिला अस्पताल-सहारनपुर जाने वालों के लिए यह रूट जानसठ रोड और





