पाकिस्तान-अफगानिस्तान सैन्य संघर्ष ने दोनों देशों को युद्ध जैसी स्थिति में ला खड़ा किया है। अब तक दोनों पक्षों के 300 से अधिक लोगों की मौत और 500 से ज्यादा घायल होने की खबर है। दोनों देश एक-दूसरे को आगे भी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं। संघर्ष की शुरुआत गुरुवार देर रात हुई, जब अफगानिस्तान ने 22 फरवरी को हुए पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में कार्रवाई की।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका इस संघर्ष में दखल देगा, तो उन्होंने कहा कि वह दखल दे सकते हैं, लेकिन पाकिस्तान से उनके अच्छे रिश्ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान इस समय काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू किया। पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार, पक्तिया, नंगरहार और अन्य प्रांतों में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार: 274 तालिबान लड़ाके मारे गए 400 से ज्यादा घायल हुए 115 टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां नष्ट 74 चौकियां तबाह 18 चौकियों पर नियंत्रण पाकिस्तान ने 12 सैनिकों के मारे जाने और 27 के घायल होने की भी पुष्टि की।
तालिबान का कहना है कि उसके केवल 8 से 13 लड़ाके मारे गए हैं। उसने दावा किया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य मुख्यालयों समेत कई चौकियों पर कब्जा किया गया। तालिबान ने चेतावनी दी है कि आगे हमले की स्थिति में और कड़ा जवाब दिया जाएगा। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि पाकिस्तान के अंदर ड्रोन से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि एबटाबाद, स्वाबी और नौशेरा में छोटे ड्रोन गिराए गए और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने पूरे देश में निजी ड्रोन उड़ाने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया। पूर्व पाकिस्तानी सेना अधिकारी आदिल रजा ने दावा किया कि इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर समेत कई ठिकानों को निशाना बनाया गया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि आगे किसी भी उकसावे पर कड़ा जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय का दौरा कर जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई। सूचना मंत्री ने अफगान तालिबान सरकार पर महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकार छीनने का आरोप लगाया। 22 फरवरी को पाकिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक कर TTP के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था।
उप गृह मंत्री तलाल चौधरी के अनुसार 70 लड़ाके मारे गए, जबकि डॉन अखबार ने संख्या 80 बताई। तालिबान ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। टोलो न्यूज के अनुसार नंगरहार में एक घर पर हमले में 23 लोग मलबे में दब गए थे। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। दोनों देश एक-दूसरे पर आतंकियों को शरण देने का आरोप लगाते रहे हैं। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर चुनौती दे दी है और हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।





