अमेरिका-इस्राइल हमलों में ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत

डोनाल्ड ट्रंप का दावा-शनिवार को तेहरान में हुए संयुक्त हमलों में अली खामेनेई की बेटी, पोते, बहू और दामाद मारे गए

तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया ने की है। यह घटना शनिवार को हुई, जब अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले में 86 वर्षीय खामेनेई की जान चली गई। इस हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए इसे ईरान के लोगों के लिए सबसे बड़ी संभावना बताया और कहा कि अब ईरान अपने देश को पुन: प्राप्त कर सकता है।

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ईरानी राज्य टीवी और राज्य-निर्मित समाचार एजेंसी इरना ने खामेनेई की मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया, लेकिन इस हमले ने ईरान के इस्लामिक गणराज्य के भविष्य पर सवाल उठा दिए हैं और यह क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बन सकता है। खामेनेई की मौत के बाद, ईरान ने पलटवार करते हुए हमले की चेतावनी दी है। ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की बेटी, पोते, बहू और दामाद इस्राइल-अमेरिकी हमलों में मारे गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी की गई अपनी पोस्ट में लिखा कि खामेनेई, जो इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक था, अब मृत है। ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निष्क्रिय करने के लिए जारी हमले को सही ठहराया और यह भी चेतावनी दी कि हमले सप्ताह भर जारी रहेंगे।

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37 साल से ईरान के सुप्रीम लीडर थे अयातुल्ला अली खामेनेई

86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई एक धर्मगुरु थे, जो 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर के पद पर काबिज थे। उन्होंने ईरान के इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद यह पद संभाला था। खुमैनी ने ही 1979 की इस्लामी क्रांति का नेतृत्व किया था, जिसमें अमेरिका समर्थित शाह को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। मौजूदा वक्त तक खामेनेई देश के आध्यात्मिक नेता होने के साथ-साथ सरकार, सेना और न्यायपालिका की अंतिम और सर्वोच्च शक्ति अपने पास रखते थे।

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