हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश, पूर्व प्रधान समेत चार शातिर गिरफ्तार

नई मंडी पुलिस ने किया पर्दाफाश, हरिद्वार में झूठा मुकदमा दर्ज कराकर दस लाख रुपये मांगने का भी हुआ खुलासा, एक आरोपी फरार

मुजफ्फरनगर। भोले-भाले लोगों को अपने प्रेम जाल (हनी ट्रैप) में फंसाकर उन पर दुष्कर्म और छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाले एक शातिर गिरोह का नई मंडी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका एक साथी अभी फरार है। यह गिरोह झूठे मुकदमों में फंसाने के बाद फैसले के नाम पर लोगों को डरा-धमकाकर लाखों रुपये की अवैध वसूली करता था। इनके द्वारा कई शरीफ परिवारों के बच्चों को फंसाकर बर्बाद करने का काम किया गया।

एसएसपी संजय वर्मा ने रविवार को पुलिस लाइन स्थित सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान नई मंडी पुलिस द्वारा हनी ट्रैप के गिरोह की गिरफ्तारी को लेकर पत्रकारों से जानकारी साझा की। एसएसपी ने बताया कि गांव रथेड़ी निवासी दिलशाद पुत्र फजलुर्रहमान ने शनिवार को नई मंडी कोतवाली में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि रथेड़ी के पूर्व प्रधान शातिर अपराधी रियासत पुत्र अनवर ने एक महिला वरजीना पत्नी कुदरत अली निवासी गढ़ी सरवट और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर एक हनी ट्रैप के लिए एक संगठित गिरोह बनाया हुआ है। शिकायत पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया। इनकी गिरफ्तारी के लिए टीम को गठित किया गया। पुलिस टीम ने वरजीना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।

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एसएसपी के अनुसार पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं। गिरोह की महिला सदस्य वरजीना सीधे-सादे लोगों को अपने प्रेम जाल में फंसाती थी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से उन लोगों पर छेड़खानी और बलात्कार के झूठे आरोप लगाते हुए थानों में शिकायत देकर मुकदमे दर्ज कराए जाते थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरोह के अन्य सदस्य पीड़ित पर दबाव बनाते थे और समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। रकम मिलने के बाद ये लोग कानूनी रूप से फैसला कर लेते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान वरजीना पत्नी कुदरत अली (निवासी ग्राम गढ़ी सरवट, थाना नई मण्डी), आफताब पुत्र नवाब, रियासत पुत्र अनवर और साजिद पुत्र समसू (तीनों निवासी ग्राम रथेड़ी, थाना नई मण्डी) के रूप में हुई है। वहीं, इस गिरोह का पांचवां सदस्य परवेज पुत्र अनवार (निवासी ग्राम रथेड़ी) अभी फरार है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।

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उत्तराखंड में मुकदमा कराकर दो युवकों से मांगे दस लाख

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने नई मंडी और सिखेड़ा थानों के अलावा अन्य राज्यों में भी अपना जाल बिछाया हुआ था। कई परिवारों को ये लोग बर्बाद कर चुके हैं। सामाजिक बदनामी के डर से लोग इनके चंगुल में फंस जाते थे और फैसले के नाम पर मोटी रकम देते थे। इनके कुछ पुलिस कर्मियों से भी सम्बंध होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार हाल ही में इन लोगों ने मिलकर उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित सिडकुल थाने में शिकायतकर्ता दिलशाद के पुत्र मोहम्मद शालिक और सैयद फैज के खिलाफ छेड़खानी और रेप के प्रयास का मुकदमा (अपराध संख्या 504/25) दर्ज कराया था। इस मामले में फैसला करने के लिए गिरोह द्वारा पीड़ितों से दस लाख रुपये की भारी-भरकम रकम की मांग की गई थी। हालांकि ये रकम अभी पीड़ित ने नहीं दी। इसकी भी जांच की जा रही है।

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गिरफ्तार रियासत का 20 साल से है आपराधिक रिकॉर्ड

एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में शामिल रियासत पुत्र अनवर रथेड़ी का पूर्व प्रधान है। इसका करीब 20 साल पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ साल 2006 में नई मंडी थाने में मुकदमा दर्ज मिला है। रियासत के खिलाफ धोखाधड़ी, जानलेवा हमला, बलवा, शांति भंग और सूचना प्रौद्योगिकी कानून (आईटी एक्ट) सहित विभिन्न संगीन धाराओं में पांच मुकदमे नई मंडी थाने में दर्ज हैं, जो वर्ष 2006 से लेकर 2026 तक के हैं। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह के द्वारा शिकार बनाये गये अन्य लोगों की तलाश कर उनको भी इनके खिलाफ साक्ष्य के रूप में पुलिस केस में शामिल करने की तैयारी कर रही है। प्रेस वार्ता के दौरान एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, सीओ नई मंडी राजू कुमार साव भी मौजूद रहे। इस शातिर गिरोह को पकड़ने वाले पुलिस दल में नई मंडी थाना प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक गजेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक बबली सिंह, सिपाही यशपाल और सिपाही पवन कुमार शामिल रहे।

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