ईएमटी प्रियंका की सूझबूझ से चलते रास्ते में हुआ सुरक्षित प्रसव, मां-बेटा स्वस्थ
खतौली 26 मई, मंगलवार। कभी-कभी कुछ पल जिंदगीभर की खुशी बन जाते हैं। मंगलवार सुबह खतौली क्षेत्र में ऐसा ही भावुक और राहत भरा दृश्य देखने को मिला, जब अस्पताल पहुंचने से पहले ही 102 एंबुलेंस नवजात के जन्म की साक्षी बन गई। एंबुलेंस के भीतर गूंजी मासूम की पहली किलकारी ने परिवार के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों के चेहरे भी खुशी से खिला दिए।खतौली क्षेत्र के गांव पलड़ी निवासी भुवनेश्री (21) पत्नी गौरव को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार घबराया हुआ था, लेकिन 102 एंबुलेंस सेवा उम्मीद बनकर समय पर पहुंची। महिला ईएमटी प्रियंका और पायलट अतुल ने बिना देर किए गर्भवती को अस्पताल के लिए रवाना किया। रास्ते में दर्द लगातार बढ़ता गया और स्थिति ऐसी हो गई कि अस्पताल पहुंचना मुश्किल लगने लगा। हालात को भांपते हुए पायलट अतुल ने एंबुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रोका।
इसके बाद ईएमटी प्रियंका ने धैर्य, अनुभव और सूझबूझ का परिचय देते हुए एंबुलेंस को ही अस्थायी प्रसव कक्ष में बदल दिया। डिलीवरी किट की सहायता से उन्होंने सुरक्षित प्रसव कराया और कुछ ही देर में नवजात की पहली आवाज एंबुलेंस में गूंज उठी।स्वास्थ्यकर्मियों ने तुरंत मां और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया। बाद में दोनों को बेहतर देखभाल के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।परिजनों ने भावुक होकर कहा कि अगर एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचती तो स्थिति बिगड़ सकती थी। उन्होंने ईएमटी प्रियंका और पायलट अतुल की सेवा भावना और तत्परता को “भगवान का रूप” बताया।प्रदेश में संचालित 102 एंबुलेंस सेवा लगातार जरूरतमंदों के लिए राहत का सहारा बन रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि समय पर मिली स्वास्थ्य सेवा कई बार जिंदगी की सबसे बड़ी उम्मीद बन जाती है।






