सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही रही अफवाहों पर धर्मवीर बालियान ने उठाए सवाल, कहा-बिना सत्यापन किसी एक परिवार या पूरे समाज को निशाना बनाना अनुचित
मुजफ्फरनगर। जनपद शामली के एक दवा कारोबारी के पुत्र आयुष मलिक और एक मुस्लिम युवती से जुड़े कथित प्रेम प्रसंग, निकाह तथा धर्मांतरण की चर्चाओं के बीच जाट महासभा मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान ने सोशल मीडिया के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ लोगों के द्वारा फैलाए जा रहे संदेशों और पोस्टों पर चिंता जताते हुए ऐसे लोगों से तथ्यहीन सूचनाओं को प्रसारित करने से बचने की अपील की है। साथ ही किसी एक परिवार या पूरी जाति को बिना प्रमाण के विवादों से जोड़ने की प्रवृत्ति पर भी सवाल खड़े किए हैं।
धर्मवीर बालियान ने शनिवार को फेसबुक पर साझा की गई अपनी पोस्ट में कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर दवा कारोबारी देवराज मलिक परिवार को लेकर धर्म परिवर्तन संबंधी अनेक चर्चाएं और पोस्ट देखने को मिल रही हैं। इन पोस्टों में विशेष रूप से जाट शब्द को प्रमुखता से लिखकर पूरे समाज को निशाना बनाने का प्रयास किया गया है, जो न केवल अनुचित है बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वयं को हिंदू धर्म का हितैषी बताते हैं, उन्हें किसी भी अपुष्ट जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति, परिवार या जाति विशेष को बदनाम करने से बचना चाहिए। यदि कोई विषय हिंदू धर्म से संबंधित है तो उसे उसी रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। किसी विशेष जाति को अनावश्यक रूप से विवाद में घसीटकर पूरे समाज को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।

जाट महासभा अध्यक्ष ने अपने वक्तव्य में यह भी उल्लेख किया कि शामली पुलिस द्वारा इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया जा चुका है और प्रथम दृष्टया मामले को फर्जी बताया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी प्रकार के धर्म परिवर्तन की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए अफवाहों के आधार पर निष्कर्ष निकालना गलत होगा। धर्मवीर बालियान ने उन लोगों से भी जवाब मांगा जिन्होंने बिना सत्यापन के एक परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया तथा जाट शब्द का उपयोग कर पूरे समाज को चर्चा का विषय बनाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे लोग अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे और समाज से माफी मांगेंगे।

उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया कि भविष्य में किसी भी समाचार, वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पूरी तरह पुष्टि अवश्य कर लें। उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और जिम्मेदार संवाद बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने बताया कि शामली पुलिस की आधिकारिक पोस्ट भी कमेंट बॉक्स में साझा की गई है, ताकि इच्छुक लोग स्वयं तथ्यों की जानकारी प्राप्त कर सकें।
बता दें कि योग साधना आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर ने इस प्रकरण को उठाते हुए आरोप लगाया था कि आयुष मलिक का धर्मांतरण और खतना कराकर मुस्लिम युवती ने निकाह किया है और अब वो मुस्लिम बनकर ही रह रहा है। हालांकि स्वामी यशवीर के सभी आरोपों का पुलिस जांच और सामने आये बयान से पटाक्षेप होता नजर आ रहा है, लेकिन फिर भी पुलिस जांच जारी है। इसी पर अब जाट महासभा के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान ने बिना सत्यापन किये आरोप लगाने और एक परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने को लेकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त कर नए सवाल पैदा कर दिये हैं। इस प्रकरण को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है, वहीं धर्मवीर बालियान की यह अपील सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार और तथ्य आधारित संवाद की आवश्यकता को रेखांकित करती है।






