नगरपालिका कार्यालय से बाहर मंगाई जा रही महत्वपूर्ण पत्रावलियां, मेरठ आवास तक भी ले जा रही फाइल
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय प्रताप शाही एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। कर्मचारियों और ठेकेदारों की शिकायतों के आधार पर उन पर कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित न रहने तथा विभागीय महत्वपूर्ण पत्रावलियां शहर के विभिन्न होटलों और मेरठ स्थित आवास पर मंगाकर कार्य कराने के आरोप लगे हैं। पालिका कार्यालय से बाहर पत्रावलियां लाने के लिए वो कर्मचारियों पर अनैतिक दबाव बना रहे हैं, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अधिकारी ने उन्हें नोटिस जारी करते हुए कार्यप्रणाली सुधारने की चेतावनी के साथ जवाब भी मांगा है।
अधिशासी अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और ठेकेदारों ने साक्ष्यों सहित शिकायत दी है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से बाहर होटल प्लाशा, सेवन स्काई होटल, मदन स्वीट्स, पुलिस लाइन कैंटीन तथा मेरठ स्थित अपने आवास पर विभागीय पत्रावलियां लेकर आने के लिए दबाव बनाते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों से स्पष्ट रूप से कहा जाता है कि यदि किसी पत्रावली पर उनके हस्ताक्षर चाहिए तो उसे उनके बताए स्थान पर ही लाना होगा। नोटिस में दिए आरोपों के अनुसार, इस व्यवस्था के कारण विभागीय बाबुओं और कर्मचारियों को विभिन्न स्थानों पर पत्रावलियां लेकर भागदौड़ करनी पड़ती है, जिससे कार्यालयी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही ठेकेदारों को भी विभिन्न होटलों में मिलने के लिए बुलाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी स्वयं को विभागाध्यक्ष बताते हुए कहते हैं कि उनके हस्ताक्षर के बिना कोई कार्य संभव नहीं है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई महत्वपूर्ण पत्रावलियों पर जानबूझकर विलंब किया जाता है। इसके चलते अनेक मामलों में पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को पहले अपने हस्ताक्षर करने पड़ते हैं और बाद में नगर स्वास्थ्य अधिकारी के हस्ताक्षरों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। नोटिस में कहा गया है कि पालिका अध्यक्ष द्वारा भी उन्हें समय से पत्रावलियों का निस्तारण करने के लिए कई बार कड़ी चेतावनी और नाराजगी के साथ निर्देशित किया जा चुका है। अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि डॉ. अजय प्रताप शाही का मूल पद चिकित्सा विभाग में है तथा उन्हें नगर पालिका परिषद की मांग पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर सम्बद्ध किया गया है। ऐसे में उनकी कार्यशैली न केवल नगर पालिका परिषद बल्कि चिकित्सा विभाग की छवि को भी प्रभावित कर रही है।
नोटिस के माध्यम से उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित होकर दैनिक आधार पर पत्रावलियों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में कार्यालय से बाहर पत्रावलियां मंगाने अथवा कर्मचारियों एवं ठेकेदारों पर अनुचित दबाव बनाने संबंधी शिकायतें प्राप्त होती हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि डॉ. अजय प्रताप शाही का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज बिड़ला ने उनके खिलाफ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी थी। अब नए प्रकरण के सामने आने के बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।






