मुजफ्फरनगर के पंडित भोजनालय पर प्रशासन ने लगाया ताला

होटल, ढाबों, कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सघन जांच अभियान, फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई

मुजफ्फरनगर। लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में मुजफ्फरनगर जनपद में भी पुलिस और प्रशासन ने पूरी तरह से हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश में संयुक्त रूप से व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। शहर से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक स्थित होटल, ढाबों, कोचिंग सेंटरों, व्यावसायिक भवनों और भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों की गहन जांच की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस प्रशासन की टीम ने पांच प्रतिष्ठानों को मानकों की अनदेखी और जनसुरक्षा के विपरीत पाये जाने पर सील कर दिया। इनमें शिव चौक पर स्थित पुराना और मशहूर पंडित भोजनालय भी शामिल है। प्रशासन की कार्रवाई से हड़कम्प मचा है।

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बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने दमकल विभाग और पुलिस बल के साथ दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया। एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी, सीओ सदर विनय कुमार द्विवेदी, एमडीए और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने छपार क्षेत्र के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान एसडीएम सदर और सीओ सदर ने टीम के साथ होटलों, रेस्टोरेंटों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के दस्तावेज, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने उन भवनों की भी पड़ताल की जो बिना स्वीकृत मानचित्र के संचालित या निर्मित किए जा रहे हैं। ऐसे निर्माणों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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शहरी क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अनुराग सिंह के नेतृत्व में कई भवनों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बड़ी संख्या में फायर सेफ्टी मानकों और अन्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई। अधिकारियों ने गंभीर खामियां पाए जाने पर पांच प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान आकाश इंस्टीट्यूट में भी सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई। संस्थान को चेतावनी जारी करते हुए निर्धारित समयावधि में फायर सेफ्टी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं एनआईजीटी कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र, भोपा रोड स्थित आईआईएसएल सेंटर, स्टेशन रोड स्थित जय माता दी प्रशिक्षण केंद्र तथा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित एक प्रशिक्षण केंद्र के साथ ही शिव चौक पर व्यस्ततम क्षेत्र में मानकों के विपरीत भवन में चल रहे पंडित भोजनालय को सील कर दिया गया। सभी को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है।

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सीएफओ अनुराग सिंह ने बताया कि जिन संस्थानों में छोटी-मोटी कमियां मिली हैं, उन्हें नोटिस जारी कर तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित संचालकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। इसके अतिरिक्त भवनों की तकनीकी जांच के लिए मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) और नगरपालिका को भी पत्र भेजा गया है, ताकि उनकी तकनीकी टीमों द्वारा भवनों की संरचनात्मक और सुरक्षा संबंधी जांच कराई जा सके। प्रशासन का कहना है कि जनहित और सुरक्षा के मद्देनजर यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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