मुजफ्फरनगर पालिका में आउटसोर्स कूड़ा वाहन चालकों की हड़ताल शुरू

दूसरे दिन भी टाउनहाल में धरना जारी, ईओ ने आउटसोर्स कर्मियों को दी काम पर लौटने की चेतावनी

मुजफ्फरनगर। नगर पालिका में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कूड़ा वाहनों पर तैनात चालकों ने बुधवार से कामबंद हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के चलते चालकों ने वाहन नहीं निकाले और शहरी क्षेत्रों से कूड़ा उठाने का कार्य रोक दिया। हालांकि चेयरमैन के सख्त रवैये के कारण पालिका प्रशासन ने पहले से तैयार रणनीति के तहत निजी कंपनी की टीम को मैदान में उतारकर सफाई व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया। इस बीच कर्मचारियों का धरना टाउनहाल परिसर में दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारी नेताओं और पालिका प्रशासन के बीच हुई वार्ता भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। ईओ ने आंदोलन पर गए आउटसोर्स कर्मियों को काम पर लौटने की चेतावनी भी दी है।

गौरतलब है कि सफाई कर्मचारी संघ ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अधिशासी अधिकारी को नोटिस सौंपा था। इसके बाद उसी दिन टाउनहाल परिसर में धरना शुरू कर दिया गया था। प्रशासन की ओर से मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन समाधान न निकलने पर कर्मचारियों ने हड़ताल का निर्णय लिया। इस बीच संघ के अध्यक्ष नीरज बिडला ने भी आंदोलन के तरीके पर असंतोष जताया था। उनका कहना था कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर पालिका अध्यक्ष के साथ वार्ता का क्रम जारी था और समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास हो रहे थे।

इसे भी पढ़ें:  शीशम के पेड़ पर लटका मिला युवक का शव, गांव में सनसनी, परिवार में कोहराम

सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री मिलन कुमार के नेतृत्व में आउटसोर्स चालकों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया। बुधवार सुबह से ही चालकों ने काम बंद कर दिया और कूड़ा वाहनों का संचालन नहीं होने दिया। इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पालिका प्रशासन ने निजी क्षेत्र की कंपनी जेएस एनवायरो सर्विसेज प्रा. लि. के कर्मचारियों को लगाया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों से कूड़ा उठाने का कार्य संभाला। नगर पालिका प्रशासन के अनुसार हड़ताल का शहर की सफाई व्यवस्था पर कोई विशेष असर नहीं पड़ा। पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के निर्देश पर वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही तैयार कर ली गई थी, जिसके चलते सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित सफाई कार्य जारी रहा।

इसे भी पढ़ें:  नरेश टिकैत ने यूनियन के चार बड़े नेताओं को किया निष्कासित

उधर, आंदोलनरत कर्मचारियों और सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री मिलन कुमार ने अधिशासी अधिकारी पवन कुमार से मुलाकात कर अपनी मांगों को दोहराया। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत में कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग रखी, जबकि प्रशासन ने आउटसोर्स व्यवस्था और नई कंपनी के माध्यम से कार्य संचालन की आवश्यकता को स्पष्ट किया। वार्ता के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि कूड़ा वाहनों के संचालन का ठेका नई कंपनी को दिया जा चुका है और वर्तमान कर्मचारी भी आउटसोर्स व्यवस्था के अंतर्गत कार्यरत हैं।

इसे भी पढ़ें:  पिता ने बेटे को पीटा, पत्नी ने करा दी एफआईआर

उन्होंने बताया कि नई कंपनी कर्मचारियों को समायोजित करने के लिए तैयार है तथा इस संबंध में संघ प्रतिनिधियों को पहले ही जानकारी दी जा चुकी थी। इसके बावजूद अचानक धरना और हड़ताल का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी गई है और निजी कंपनी की अतिरिक्त टीम लगाकर नियमित कार्य कराया गया। प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है, लेकिन किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आउटसोर्स चालक कार्य पर वापस नहीं लौटते हैं तो प्रशासन सख्त निर्णय लेने पर भी विचार कर सकता है।

Share This Article