कार्यालय में मुख्य अभियंता विनोद गुप्ता को बनाया बंधक, धरना दिया, कार्यालय की बिजली भी काटी, जेई द्वारा मंडी थाने में दर्ज मुकदमा वापसी की मांग, मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों के साथ हुई तीखी बहस
मुजफ्फरनगर। थाना नई मंडी क्षेत्र स्थित जानसठ रोड बाइपास दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बिजली विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब राष्ट्रीय लोक दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कार्यालय पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य अभियंता विनोद गुप्ता का घेराव करते हुए उन्हें कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दिया और कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान रालोद कार्यकर्ताओं ने पूरे कार्यालय की बिजली आपूर्ति भी ठप कर दी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई।
उल्लेखनीय है कि सुभाषनगर में 28 घंटे तक अघोषित कटौती रहने के कारण स्थानीय लोगों ने गांधी कालोनी बिजली घर के गांधी वाटिका फीडर पर पहुंचकर प्रदर्शन किया था। इसको लेकर बिजलीघर के जेई तकनीकी रमनजीत सिंह ने नई मंडी थाने में तहरीर दी। जानकारी मिलने पर लोग कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार से उनके अंकित विहार स्थित आवास पर मिले थे। रविवार को ही लोगों के सामने मंत्री अनिल कुमार ने मुख्य अभियंता विनोद गुप्ता से फोन पर बात की और माफीनामे की जानकारी देते हुए मुकदमा दर्ज न कराने का अनुरोध किया था। मंत्री ने चेतावनी दी थी कि यदि मामले में मुकदमा दर्ज हुआ तो वह स्वयं विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। इसके बावजूद भी जेई की तहरीर पर नई मंडी थाने में तीन युवकों को नामजद करते हुए 15-20 अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
इसी को लेकर रालोद और मुख्य अभियंता के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। सोमवार को सवेरे रालोद के युवा नेता सुधीर भारतीय के साथ सैंकड़ों कार्यकर्ता मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचे और घेराव करते हुए धरना शुरू कर दिया। रालोद कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गांधी कॉलोनी बिजलीघर पर बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद स्थानीय नागरिकों के विरोध प्रदर्शन के बावजूद विभाग ने निर्दाेष लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। बिजली कटने के कारण मुख्य अभियंता और अन्य कर्मचारी कार्यालय में भीषण गर्मी में परेशान नजर आये।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक मुख्य अभियंता का कार्यालय सामान्य रूप से संचालित नहीं होने दिया जाएगा। रालोद के वरिष्ठ नेता सुधीर भारतीय ने विभाग पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। कहा कि यदि मंत्री के निर्देशों की भी अनदेखी की जाएगी और निर्दाेष नागरिकों पर मुकदमे दर्ज किए जाएंगे तो जनता की सुनवाई कैसे हो पाएगी। आंदोलन और तेज होगा आवश्यकता पड़ने पर मुख्य अभियंता को कार्यालय में नहीं बैठने दिया जाएगा और संघर्ष जारी रहेगा। हम भी जेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी में हैं। हम बातचीत से समाधान चाहते हैं।
मुख्य अभियंता विनोद गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गांधी कॉलोनी बिजलीघर पर प्रदर्शन करने के कारण मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। वेा जनता का अधिकार है, उनके अनुसार घटना के दौरान लाइनमैन को बंधक बनाकर बिजली आपूर्ति बाधित कराई गई और विभागीय कर्मचारियों के साथ अभद्रता की गई, जिसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि रालोद कार्यकर्ताओं को वार्ता के लिए कार्यालय में आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे बातचीत के लिए तैयार नहीं हुए। मामले की सूचना पुलिस को दी गई और उच्चाधिकारियों से चर्चा के बाद कार्यालय में हुए घेराव और कथित अभद्रता के संबंध में भी कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। मुख्य अभियंता ने कहा कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए जोखिम उठाकर कार्य करते हैं और उनके सम्मान तथा सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जनता की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया।






